
यूनुस मेमन

बिलासपुर। मछली चोरी का वीडियो बनाने से शुरू हुआ विवाद आखिरकार खूनी संघर्ष में बदल गया। रतनपुर थाना क्षेत्र में शनिवार रात स्कॉर्पियो सवार आधा दर्जन आरोपियों ने घात लगाकर एक युवक की हत्या कर दी, जबकि उसका साथी किसी तरह जान बचाकर मौके से भाग निकला। पुलिस ने मामले में स्कॉर्पियो चालक को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी समेत अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

पुलिस के अनुसार ग्राम कर्रा निवासी तीरथ यादव (50), पिता स्वर्गीय जीवन लाल यादव, तथा श्याम सिंह खूंटाघाट बांध के पास चौकीदारी का कार्य करते हैं। शनिवार रात करीब 9 बजे दोनों बाइक क्रमांक सीजी-10-ईएफ-7425 से कर्रा से खूंटाघाट जा रहे थे। इसी दौरान नवागांव के पास सफेद रंग की स्कॉर्पियो क्रमांक सीजी-12-आर-1197 में सवार गोलू धीवर, अनीश धीवर और उनके अन्य साथियों ने उनका रास्ता रोक लिया।
बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच कहासुनी के बाद विवाद बढ़ गया और आरोपियों ने तीरथ यादव पर हमला कर दिया। हमले में तीरथ गंभीर रूप से घायल हो गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं श्याम सिंह किसी तरह मौके से भागकर अपनी जान बचाने में सफल रहे। उन्होंने ग्रामीणों और पुलिस को घटना की सूचना दी।

सूचना मिलते ही रतनपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा तथा घटनास्थल से साक्ष्य जुटाकर प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए। मामले की जांच शुरू करते हुए पुलिस ने स्कॉर्पियो चालक को गिरफ्तार कर लिया है।
एसडीओपी नूपुर उपाध्याय ने बताया कि मुख्य आरोपी सहित अन्य आरोपियों की पहचान कर ली गई है। उनकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग पुलिस टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।
मछली चोरी का वीडियो बना हत्या की वजह
पुलिस की प्रारंभिक जांच और परिजनों के अनुसार कुछ समय पहले तीरथ यादव ने गोलू धीवर को मछली चोरी करते हुए पकड़ लिया था और उसका वीडियो अपने मोबाइल में बना लिया था। इससे नाराज होकर गोलू ने तीरथ का मोबाइल छीनकर तोड़ दिया था। इस घटना की शिकायत रतनपुर थाने में दर्ज कराई गई थी।
बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता हुआ और क्षतिग्रस्त मोबाइल बनवाने के लिए एक हजार रुपये देने पर सहमति बनी थी। हालांकि समझौते के बावजूद दोनों पक्षों के बीच तनाव बना रहा। परिजनों का आरोप है कि उसी पुरानी रंजिश का बदला लेने के लिए आरोपियों ने सुनियोजित ढंग से घात लगाकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया।
जिले में एक साल में 48 हत्या के मामले
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार जून 2025 से जून 2026 के बीच बिलासपुर जिले में हत्या के 48 मामले दर्ज किए गए। इनमें कोटा थाना क्षेत्र में सबसे अधिक 5 हत्याएं हुईं। मस्तूरी और सीपत में 4-4, सिविल लाइन और रतनपुर में 3-3, जबकि सिरगिट्टी, सकरी और तखतपुर थाना क्षेत्रों में 2-2 हत्या के मामले दर्ज किए गए।
पुलिस के आंकड़ों के अनुसार अधिकांश हत्याओं के पीछे पुरानी रंजिश, अवैध संबंध, घरेलू विवाद तथा चरित्र पर संदेह जैसी वजहें सामने आई हैं।
