
बिलासपुर। शहर में वाहन जब्ती को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। एक गर्भवती महिला ने आरोप लगाया है कि फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों ने उनकी गर्भावस्था की जानकारी होने के बावजूद वाहन को जबरन टो कर लिया। महिला का कहना है कि घटना के दौरान लगे तेज झटकों से उनकी तबीयत बिगड़ गई, पेट में दर्द शुरू हो गया और बाद में गर्भस्थ शिशु की हलचल भी पहले की तुलना में कम महसूस हुई। मामले की शिकायत सिविल लाइन थाने में दर्ज कराई गई है।
पीड़िता के अनुसार घटना उस समय हुई, जब वह अपने पति के साथ अस्पताल जाने की तैयारी कर रही थीं। इसी दौरान कुछ लोग वाहन के पास पहुंचे और बकाया किस्त का हवाला देते हुए वाहन को अपने कब्जे में लेने लगे। महिला का आरोप है कि उन्होंने कर्मचारियों को अपनी गर्भावस्था के बारे में बताया, इसके बावजूद वाहन को जबरन टो कर ले जाया गया।
घटना के बाद परिवार ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कर निष्पक्ष जांच और संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस घटना से जुड़े कुछ वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें वाहन को लेकर विवाद की स्थिति दिखाई दे रही है। हालांकि, वीडियो के आधार पर महिला के सभी आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
पुलिस ने आवेदन प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल संबंधित फाइनेंस कंपनी की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान यदि महिला के आरोप सही पाए जाते हैं तो गर्भवती महिला की सुरक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े पहलुओं को ध्यान में रखते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। वहीं यदि वाहन की किस्त बकाया भी थी, तब भी वाहन जब्ती की प्रक्रिया कानून और निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप अपनाई जानी चाहिए। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
