

सक्ति पूर्णिमा चौहान हत्याकांड की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। पता चला कि पति ने पत्नी के साथ मिलकर गर्लफ्रेंड को रास्ते से हटाने के लिए ₹4 लाख की सुपारी दी थी । असल में अपने पति को छोड़कर पूर्णिमा शादीशुदा बॉयफ्रेंड पर शादी का दबाव बना रही थी। पूछताछ में शूटर ने बताया कि उन्होंने शूटर मूवी देख कर वारदात को अंजाम दिया था। इधर आरोपी की पत्नी चंपा ने शूटर्स को सुपारी देने के लिए अपने पोस्ट ऑफिस का खाता तोड़कर ₹200000 एडवांस दिए थे। पुलिस ने पति-पत्नी समेत कुल नौ आरोपियों को छत्तीसगढ़, झारखंड और महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया है, जिनके पास से हथियार, बाइक और कैश भी बरामद किया गया है।
पूरा मामला सक्ति थाना क्षेत्र के ग्राम जोंगरा का है। 26 जून की सुबह करीब 11:00 बजे ग्राम जोंगरा में दो नकाबपोश युवक बिना नंबर की बाइक से पूर्णिमा चौहान उर्फ पूनम के घर पहुंचे। पूर्णिमा आयुर्वेदिक दवा दिया करती थी। दवा लेने के बहाने पूर्णिमा को बाहर बुलाया गया और उसके बाहर निकलते ही एक ने पिस्तौल से उस पर तीन गोलियां दाग दी। सर और शरीर में गोली लगने से घायल पूर्णिमा को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
इधर गोली मारने के बाद दोनों युवक फरार हो गए। जांच में पता चला कि पूर्णिमा का रायगढ़ जिले के देल्लरी निवासी मुरली शंकर चौहान से अफेयर था। दोनों आयुर्वेदिक दवाइयां के प्रचार प्रसार का काम करते थे। हालांकि पूर्णिमा की शादी रायगढ़ जिले में हुई थी लेकिन रिश्ता टूटने के बाद वह 2 साल से अपने घर पर ही रह रही थी। वहीं मुरली शंकर भी पहले से शादीशुदा था। उसकी पत्नी चंपा चौहान को इस संबंध की जानकारी हुई तो पति-पत्नी के बीच विवाद होने लगा। बाद में मुरली शंकर भी पूर्णिमा से नाराज रहने लगा, जबकि पूर्णिमा शादी के लिए दबाव बना रही थी। इसी से परेशान होकर पति-पत्नी ने उसकी हत्या की साजिद रची।
मुरली शंकर और चंपा ने झारखंड के राजेंद्र महंत से संपर्क कर ₹400000 में हत्या की सुपारी दी। वारदात के बाद चंपा ने सुपारी की रकम में से 2 लाख आरोपियों को दे दिए थे। साजिश में सात और लोग शामिल थे, जिन्होंने हत्या से लेकर फरारी तक अलग-अलग भूमिका निभाई । हत्या की साजिश में राजेंद्र महंत गौरीशंकर सिद्धार्थ सुनील महंत राकेश महंत वेद प्रकाश महंत सुमित गबेल और चंद्रशेखर महंत शामिल थे । पुलिस ने अलग-अलग जगह से आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से पिस्तौल, चार जिंदा कारतूस , दो बाइक, सात मोबाइल , बैंक पासबुक और 71,500 रु कैश बरामद किया है। पुलिस ने इस मामले में रायगढ़ निवासी चंपा चौहान मुरली शंकर चौहान मालखरौदा निवासी सुनील महंत राजेंद्र महंत वेद प्रकाश महंत चंद्रशेखर महंत राकेश महंत खरसिया निवासी गौरी शंकर सिद्धार्थ और रायगढ़ के सुमित गबेल सहित कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
