
यूनुस मेमन

रतनपुर, रतनपुर में आपराधिक गतिविधियों के लिए चर्चित तीन युवकों ने एक बार फिर लूट की वारदात को अंजाम दिया। नेशनल हाईवे नवापारा स्थित गहलोत ढाबा में चाकू की नोक पर ढाबा संचालक और कर्मचारी के साथ मारपीट कर गल्ले में रखे 4500 रुपये लूटकर फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही रतनपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को कुछ ही घंटों के भीतर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटी गई 4500 रुपये की नगदी, घटना में प्रयुक्त चाकू और लाठी बरामद कर उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार प्रार्थी आशीष गहलोत (36 वर्ष) निवासी रेस्ट हाउस के पास, रतनपुर ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह नेशनल हाईवे नवापारा स्थित गहलोत ढाबा का संचालन करता है। 12 जुलाई की रात करीब 1 बजे वह ढाबे के गल्ला काउंटर पर बैठा था। इसी दौरान करैहापारा निवासी विकास उर्फ विक्कू रावत (25 वर्ष), शनि उर्फ राजा कश्यप (22 वर्ष) एवं ब्यासनारायण पाटले उर्फ छोटू (27 वर्ष) ढाबे पहुंचे और शराब की मांग करने लगे। शराब नहीं मिलने पर आरोपियों ने चाकू निकालकर जान से मारने की धमकी दी तथा कहीं से भी शराब और बीयर लाने का दबाव बनाया।
इसी बीच ढाबे में काम करने वाला कर्मचारी विजेंद्र कमल बीच-बचाव करने पहुंचा तो आरोपियों ने उसके साथ स्टील पाइप, डंडे और हाथ-मुक्कों से मारपीट की। इसके बाद चाकू की नोक पर गल्ले में रखे 4500 रुपये लूटकर मौके से फरार हो गए।

घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) मधुलिका सिंह के मार्गदर्शन एवं एसडीओपी कोटा नूपुर उपाध्याय के नेतृत्व में थाना प्रभारी निलेश पाण्डेय ने पुलिस टीम गठित कर तत्काल दबिश दी। पुलिस ने तीनों आरोपियों को उनके घरों से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने वारदात स्वीकार कर ली, जिसके बाद उनकी निशानदेही पर लूटी गई 4500 रुपये की नगदी, घटना में प्रयुक्त चाकू और लाठी बरामद कर जब्त कर ली गई।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार तीनों आरोपी पूर्व से भी मारपीट, लूट और अन्य गंभीर अपराधों में संलिप्त रहे हैं तथा उनके विरुद्ध कई आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। क्षेत्र में इनकी पहचान आदतन अपराधियों के रूप में रही है। पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 484/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) एवं आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं में कार्रवाई कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
