
बिलासपुर। शादी समारोह के दौरान युवती और उसके परिजनों के साथ मारपीट तथा जान से मारने की धमकी देने के मामले में रतनपुर पुलिस ने आईजी के निर्देश के बाद अपराध दर्ज किया है। पीड़िता का आरोप है कि घटना के बाद थाने में शिकायत करने पर इसे पारिवारिक विवाद बताकर समझौते की सलाह दी गई थी। आईजी कार्यालय में शिकायत और जांच के बाद मामला दर्ज किया गया।
पुलिस के अनुसार, कोटा निवासी यमुना प्रधान (28) ने शिकायत में बताया कि 28 अप्रैल 2026 को वह अपनी मां उषा बाई प्रधान और बहन गंगा प्रधान के साथ ग्राम बछालीखुर्द में एक रिश्तेदार के शादी समारोह में शामिल होने गई थी। इसी दौरान बातचीत को लेकर विवाद हो गया। आरोप है कि कुमारी बाई ध्रुव, सुरुची ध्रुव, रितु ध्रुव तथा उनके अन्य परिजनों ने गाली-गलौज करते हुए उनके साथ मारपीट की, जिससे उसे चोटें आईं। बीच-बचाव करने पहुंची उसकी बहन के साथ भी मारपीट की गई।
शिकायत के अनुसार, इसके बाद रामबली ध्रुव के घर चल रहे शादी समारोह में भी आरोपी पहुंच गए और यमुना, उसकी बहन गंगा तथा मां उषा बाई के साथ दोबारा मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी।
पीड़िता का आरोप है कि घटना के बाद रतनपुर थाने में शिकायत करने पर तत्कालीन थाना प्रभारी ने मामला दर्ज करने के बजाय इसे पारिवारिक विवाद बताते हुए समझौता करने की सलाह दी। इसके बाद उसने पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) से शिकायत की।
आईजी के निर्देश पर थाना प्रभारी निलेश पांडेय ने मामले की जांच कर पीड़िता और गवाहों के बयान दर्ज किए। जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर रतनपुर पुलिस ने सुरुची ध्रुव, कुमारी बाई ध्रुव सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
