

बिलासपुर। भगवान शिव की आराधना का पावन श्रावण (सावन) मास इस वर्ष 30 जुलाई से प्रारंभ होकर 28 अगस्त तक रहेगा। पूरे महीने शिवालयों में विशेष पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक और भगवान शिव का आकर्षक श्रृंगार किया जाएगा। इस बार सावन में चार सोमवार पड़ रहे हैं, जिनमें दूसरे सोमवार को प्रदोष व्रत और तीसरे सोमवार को नाग पंचमी का विशेष संयोग बन रहा है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन मास भगवान शिव की उपासना के लिए सबसे श्रेष्ठ माना जाता है। श्रद्धालु पूरे महीने व्रत रखकर जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक और रुद्राभिषेक करेंगे। 11 अगस्त को सावन मास की शिवरात्रि मनाई जाएगी, जबकि 12 अगस्त को हरियाली अमावस्या का पर्व रहेगा।
शहर के अष्टमुखी शिव मंदिर, सदर बाजार स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर, सरकंडा स्थित पीतांबरा पीठ और नंदीश्वर मंदिर सहित प्रमुख शिवालयों में विशेष धार्मिक आयोजन होंगे। रुद्राभिषेक के लिए श्रद्धालु पहले से बुकिंग करा रहे हैं। सावन के सोमवारों पर श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिर समितियां और प्रशासन तैयारियों में जुटे हैं।
तीसरे सोमवार को नाग पंचमी का विशेष संयोग
इस वर्ष 17 अगस्त को तीसरे सावन सोमवार के साथ नाग पंचमी का पर्व मनाया जाएगा। सनातन परंपरा में इस दिन नाग देवता की पूजा सुख-समृद्धि, परिवार की रक्षा तथा विभिन्न कष्टों से मुक्ति के लिए की जाती है। धार्मिक मान्यता है कि नाग पूजा से परिवार पर आने वाले संकट दूर होते हैं और शुभ फल की प्राप्ति होती है।
12 अगस्त को हरियाली अमावस्या
सावन मास की हरियाली अमावस्या 12 अगस्त को मनाई जाएगी। इस दिन प्रकृति संरक्षण और पितरों की शांति के लिए विशेष पूजा-पाठ का महत्व माना जाता है। परंपरा के अनुसार महिलाएं बाग-बगीचों में पूजा-अर्चना करेंगी तथा पीपल, बरगद, नीम, आंवला और तुलसी जैसे पौधे लगाने की परंपरा भी निभाई जाएगी।
दो ग्रहण, लेकिन भारत में नहीं होंगे दिखाई
व्यंकटेश मंदिर के महंत डॉ. कौशलेंद्र प्रपन्नाचार्य के अनुसार, 12 अगस्त को पूर्ण सूर्यग्रहण और 28 अगस्त को आंशिक चंद्रग्रहण होगा, लेकिन दोनों ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देंगे। इसलिए इनका सूतक काल मान्य नहीं होगा और मंदिरों में नियमित पूजा-अर्चना पूर्ववत जारी रहेगी।
श्रावण पूर्णिमा 27 अगस्त सुबह 9.09 बजे से शुरू होकर 28 अगस्त सुबह 9.48 बजे तक रहेगी। उदय तिथि के आधार पर रक्षाबंधन का पर्व 28 अगस्त को मनाया जाएगा और इसी दिन सावन मास का समापन भी होगा।
सावन के प्रमुख पर्व
- 30 जुलाई – श्रावण मास प्रारंभ
- 3 अगस्त – पहला सावन सोमवार
- 10 अगस्त – दूसरा सावन सोमवार एवं प्रदोष व्रत
- 11 अगस्त – सावन शिवरात्रि
- 12 अगस्त – हरियाली अमावस्या
- 17 अगस्त – तीसरा सावन सोमवार एवं नाग पंचमी
- 24 अगस्त – चौथा एवं अंतिम सावन सोमवार
- 28 अगस्त – रक्षाबंधन, श्रावण पूर्णिमा एवं सावन मास का समापन
