

बिलासपुर। बिलासपुर रेलवे स्टेशन से रवाना होने के महज पांच मिनट बाद शनिवार शाम एक मालगाड़ी का वैगन बेपटरी हो गया। हादसा स्टेशन से करीब 200 मीटर आगे शंकर नगर आरओबी के नीचे बिलासपुर यार्ड के पॉइंट नंबर-164 के पास हुआ। उस समय ट्रेन की गति बेहद धीमी होने के कारण बड़ा रेल हादसा टल गया। घटना के बाद रेलवे के इंजीनियरिंग, परिचालन और तकनीकी विभाग की टीमों ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं ट्रैक बहाली का कार्य शुरू किया।

जानकारी के अनुसार, शनिवार शाम करीब 6.45 बजे प्लेटफॉर्म नंबर-3 से रायगढ़ की ओर मालगाड़ी एन/बॉक्स-ई 505 (इंजन नंबर-41399) रवाना हुई थी। चुचुहियापारा की ओर बढ़ रही ट्रेन के पिछले हिस्से में ब्रेक वैन से ठीक पहले लगे 22वें वैगन का एक पहिया सेट (बोगी ट्रॉली) मिड लाइन पर पटरी से उतर गया।
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे कंट्रोल सक्रिय हुआ। शाम 7.25 बजे बिलासपुर से दुर्घटना राहत गाड़ी रवाना की गई, जो 7.35 बजे घटनास्थल पहुंची। इसके बाद बेपटरी वैगन को पटरी पर चढ़ाने और ट्रैक बहाल करने का काम शुरू किया गया।

राहत कार्य में सुविधा के लिए रेलवे ने मालगाड़ी के 21 वैगन और ब्रेक वैन को अलग कर शाम 7.40 बजे वापस प्लेटफॉर्म नंबर-3 लाया। बाद में इन्हें यार्ड की डीएन-1 साइड लाइन में खड़ा कर दिया गया, ताकि बहाली का कार्य बिना किसी बाधा के जारी रह सके।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना केवल यार्ड की मिड लाइन नंबर-4, 5 और 6 तक सीमित रही। मुख्य अप और डाउन लाइन पूरी तरह सुरक्षित रहीं, जिससे यात्री और मालगाड़ियों का संचालन सामान्य रूप से चलता रहा। बिलासपुर-टाटानगर एक्सप्रेस (18114) भी निर्धारित समय पर प्लेटफॉर्म नंबर-1 से रवाना हुई।
रेलवे प्रशासन ने घटना की तकनीकी जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वैगन किस कारण से पटरी से उतरा।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे
बिलासपुर रेल मंडल में इससे पहले भी मालगाड़ियों के बेपटरी होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। 26 नवंबर 2024 को कटनी रेलखंड के खोंगसरा-भनवारटंक के बीच कोयले से लदी मालगाड़ी के करीब 20 डिब्बे पटरी से उतर गए थे। वहीं 7 मार्च 2026 को बिलासपुर से कोयला लेकर बड़ोदरा जा रही एक मालगाड़ी कटनी मुड़वारा स्टेशन से पहले बेपटरी हो गई थी। इसके अलावा 4 नवंबर 2025 को लालखदान-जयरामनगर के बीच मालगाड़ी और गेवरा-बिलासपुर मेमू के बीच हुई टक्कर में 10 लोगों की मौत हुई थी।
