

पुणे केतन अग्रवाल हत्याकांड में गिरफ्तार सिया गोयल भले ही एक मंगेतर के तौर पर अस्वीकार्य हो लेकिन उससे बेहतर प्रेमिका शायद ही दूसरी मिलेगी। सिया गोयल और उसके बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी को लेकर लगातार नये खुलासे हो रहे हैं । मूल रूप से जोधपुर के पलासनी गांव का रहने वाला चेतन चौधरी का परिवार पुणे में रहता है। चेतन के पिता की किराने की दुकान है। इसके ठीक सामने सिया गोयल के पिता का ऑफिस है । चेतन पुणे में ही पढ़ाई करता था। कॉलेज में पढ़ाई के साथ-साथ वह क्रिकेट भी खेलता था। इसी दौरान चेतन की दोस्ती सिया के भाई साहिल से हुई । दोनों उदयपुर और जोधपुर भी घूमने गए थे। जल्द ही चेतन और सिया रिलेशनशिप में आ गए और शादी करने का प्लान बनाने लगे।

लोग कहते हैं कि लड़कियां दौलत के पीछे भागती है और गोल्ड डिगर होती है लेकिन सिया ने इसे गलत साबित किया। उसका होने वाला पति 700 करोड़ का आसामी था लेकिन उसने अपने बेरोजगार बॉयफ्रेंड को प्राथमिकता दी। बताते हैं कि सिया ने केतन से शादी की शॉपिंग के नाम पर एक करोड रुपए लिए थे लेकिन इन पैसों से उसने शॉपिंग नहीं की बल्कि पूरी रकम प्रेमी चेतन चौधरी को दे दी थी ।
फिलहाल चेतन चौधरी और सिया एक दूसरे को मास्टरमाइंड बता रहे हैं लेकिन सिया के सगाई के बाद से ही दोनों केतन को रास्ते से हटाने की लगातार योजना बना रहे थे। सिया और चेतन ने घटना से एक दिन पहले पुणे के लुल्ला नगर में कैफे में मर्डर प्लान किया। दोनों वारदात से पहले लोहागढ़ किले पर गए थे जहां उन्होंने हत्या के लिए जगह चुनी और रिहर्सल भी की।
पुलिस के मुताबिक चेतन पुणे से करीब 90 किलोमीटर दूर लोहागढ़ किले तक स्कूटर से पहुंचा था। उसने कार का इस्तेमाल नहीं किया ताकि टोल प्लाजा पर कार का रिकॉर्ड ना बने। अपना चेहरा छुपाने चेतन ने 33 डिग्री की गर्मी में भी हुडी पहन रखी थी।

पुलिस के मुताबिक 18 जून को लोहागढ़ किले पर सिया गोयल ने पानी पीने या जूता का फीता बांधने बढ़ने के बहाने अचानक नीचे बैठकर चेतन चौधरी को इशारा किया। केतन और सिया के ठीक पीछे चल रहे चेतन चौधरी ने इशारा पाते ही केतन को खाई में धक्का दे दिया । सिया इसलिए झुक गई थी ताकि गिरते हुए केतन उसे ना पकड़ ले। पुलिस के अनुसार दोनों प्रेमी जोड़े ने 31 मई को मर्डर का प्लान बनाया था जिसे उन्होंने 18 जून को पूरा किया।

लोग इस बात से हैरान है कि आखिर अरबपति केतन को छोड़कर सिया ने चेतन चौधरी को क्यों प्राथमिकता दी। पुलिस के अनुसार सिया ने जो बयान दिया है उसमें उसने बताया है कि केतन हेयर पैच लगाया करता था और वह हकलाता भी था इसीलिए सिया को केतन पसंद नहीं था। जबकि दोनों के परिवार वाले अलग ही बयान दे रहे हैं । अब तक यह समझ आ रहा है कि सिया के परिवार वालों को चेतन और सिया के रिश्तों की जानकारी थी लेकिन उन्होंने जानबूझकर अमीर घर के बेटे के साथ रिश्ता बनाने के लिए इसे छुपाया। इस कारण केतन को अपनी जान गंवानी पड़ी इसलिए इस हत्या में सिया ही नहीं बल्कि सिया का पूरा परिवार दोषी है। इसीलिए पुणे में शिया और चेतन के परिवार के प्रति लोगों में जबरदस्त गुस्सा है। लोगों को इस बात से भी नाराजगी है कि शादी से बचने के लिए सिया सीधे-सीधे मना भी कर सकती थी लेकिन उसने मंगेतर की हत्या का रास्ता चुना। ठीक वैसा ही जैसा कि सोनम रघुवंशी ने किया था।
कहां तो केतन अपनी मंगेतर का बर्थडे मनाने गया था और उसने अपने प्रेमी के साथ मिलकर उसे मौत का तोहफा दे दिया है।

इस बीच पुणे मर्डर केस में नया कानूनी विवाद सामने आया है। आरोपी सिया का केस लड़ने को लेकर आशुतोष श्रीवास्तव नाम के वकील और सिया के परिवार के बीच विवाद की स्थिति बनी है। दरअसल दो वकीलों आशुतोष श्रीवास्तव और विपुल दुशिंग ने सिया गोयल की ओर से कोर्ट में पैरवी करने का दावा किया है। आशुतोष का कहना है कि सिया गोयल ने अपना केस लड़ने के लिए उन्हें नियुक्त किया है । इधर 29 जून को सिया के भाई साहिल ने कहा कि हमारे वकील विपुल दुशिंग है। आशुतोष श्रीवास्तव हमारे वकील नहीं है। वह हम पर प्रेशर बना रहे हैं। इसके बाद श्रीवास्तव ने साहिल को 10 करोड रुपए का मानहानि नोटिस भेजा है। यह समझना मुश्किल है कि आखिर आशुतोष श्रीवास्तव इस पूरे मामले में सस्ती लोकप्रियता चाहते हैं या कोई और सच्चाई है।
इधर इस घटना के बाद चेतन चौधरी का परिवार पलायन कर गया है और जोधपुर के पलासनी गांव में अपने रिश्तेदारों के घर पर जाकर रह रहा है।
