


रायपुर। छत्तीसगढ़ कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी एवं बिलासपुर के पूर्व कलेक्टर इन दिनों किसी प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि अपनी प्रेरणादायक फिटनेस ट्रांसफॉर्मेशन को लेकर चर्चा में हैं। सोशल मीडिया पर साझा की गई उनकी फिटनेस जर्नी तेजी से वायरल हो रही है और लोगों को स्वस्थ एवं अनुशासित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित कर रही है।
अवनीश शरण ने बताया कि कोविड-19 महामारी के बाद वर्ष 2020 में उन्होंने अपनी फिटनेस पर गंभीरता से काम शुरू किया था। हालांकि प्रशासनिक जिम्मेदारियों, पारिवारिक व्यस्तताओं और वर्ष 2024 में हुई सर्जरी के कारण उनकी दिनचर्या कई बार प्रभावित हुई। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और जून 2025 में नए संकल्प के साथ दोबारा शुरुआत की। इस बार उनका उद्देश्य केवल वजन कम करना नहीं, बल्कि पहले से अधिक स्वस्थ, मजबूत और ऊर्जावान बनना था।
उन्होंने अपनी दिनचर्या में नियमित स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, हाई-प्रोटीन एवं संतुलित आहार, कैलोरी ट्रैकिंग, रोजाना पैदल चलना, पर्याप्त नींद और रिकवरी को शामिल किया। उन्होंने बताया कि 1 जनवरी 2026 को उन्होंने अपनी बेटी वेदिका के 27 जून जन्मदिन तक अपनी सर्वश्रेष्ठ फिटनेस हासिल करने का लक्ष्य तय किया था। इस पूरी यात्रा में उनकी पत्नी रुद्राणी ने हर कदम पर उनका उत्साह बढ़ाया और पूरा सहयोग दिया।

स्वास्थ्य रिपोर्ट में दिखा बड़ा बदलाव
लगातार अनुशासन और नियमित अभ्यास का असर उनकी स्वास्थ्य रिपोर्ट में भी स्पष्ट दिखाई दिया।
- कुल कोलेस्ट्रॉल: 278 से घटकर 158
- LDL (बैड कोलेस्ट्रॉल): 205.2 से घटकर 83
- HDL (गुड कोलेस्ट्रॉल): 51 से बढ़कर 62.8
- ट्राइग्लिसराइड्स: 109 से घटकर 61.9
इसके साथ ही उनका बॉडी फैट 30 प्रतिशत से अधिक से घटकर सिंगल डिजिट में पहुंच गया, जिससे हृदय संबंधी बीमारियों का जोखिम भी काफी कम हो गया।
अवनीश शरण का कहना है कि किसी भी बदलाव के लिए केवल प्रेरणा नहीं, बल्कि अनुशासन और निरंतरता सबसे महत्वपूर्ण होती है। उनका मानना है कि स्वास्थ्य का आकलन केवल वजन से नहीं, बल्कि ब्लड रिपोर्ट, शरीर की कार्यक्षमता और ऊर्जा के स्तर से भी किया जाना चाहिए। उन्होंने सभी लोगों से नियमित हेल्थ चेकअप कराने, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करने, पर्याप्त प्रोटीन लेने, अच्छी नींद लेने और संतुलित जीवनशैली अपनाने की अपील की।

उन्होंने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “मेरी सबसे बड़ी उपलब्धि वजन कम करना नहीं है, बल्कि 45 वर्ष की उम्र में 39 वर्ष की उम्र से अधिक स्वस्थ होना है। इस यात्रा ने मुझे सिखाया कि अनुशासन प्रेरणा से अधिक शक्तिशाली है, निरंतरता पूर्णता से अधिक मूल्यवान है और स्वास्थ्य से बड़ा कोई निवेश नहीं।”
आईएएस अवनीश शरण की यह प्रेरक फिटनेस यात्रा इस बात का प्रमाण है कि मजबूत इच्छाशक्ति, अनुशासन और निरंतर प्रयास के बल पर किसी भी उम्र में खुद को बेहतर बनाया जा सकता है। उनकी कहानी आज लाखों लोगों को स्वस्थ जीवन की दिशा में कदम बढ़ाने की प्रेरणा दे रही है।
