

गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के कोटमी बाजार में सराफा व्यापारी प्रदीप सोने की गोली मारकर हत्या और लूट के मामले में पुलिस अब तक आरोपियों को गिरफ्तार भले न कर सकी हो लेकिन पुलिस के हाथ अहम सुराख लगे हैं। पुलिस को घटनास्थल से करीब 8 किलोमीटर दूर बोदराटोला तिलोरा के जंगल में ज्वेलरी के बॉक्स, जला हुआ थैला और बिखरे हुए समान मिले हैं। पुलिस ने सबूतो को इकट्ठा कर लिया है। आशंका जताई जा रही है की वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी रात में इसी घने जंगल में रुके थे और सबूत मिटाने के इरादे से ही उन्होंने कुछ सामानों को आग के हवाले किया। अब यही सामान पुलिस के लिए सुराग बनेंगे।

इस हत्याकांड के 7 दिन बाद भी आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर है। इसे लेकर कांग्रेस नेताओं ने 72 घंटे का अल्टीमेटम भी दिया है। 26 मई को कोटमी बाजार में बदमाशों ने सर्राफा व्यापारी को करीब से गोली मार दी थी। बाइक सवार बदमाश सोने चांदी का थैला लेकर भाग गए थे। चश्मदीदों के अनुसार शाम करीब 7:00 बजे तीन आरोपी एक पल्सर पर सवार होकर आए थे जिन्होंने बेहद करीब से प्रदीप सोनी को गोली मारी। घायल प्रदीप सोनी को अस्पताल ले जाया गया जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। प्रदीप सोनी हर मंगलवार शाम को हनुमान जी के मंदिर जाते थे। हादसे वाले दिन भी वे दुकान बंद कर मंदिर जाने की ही तैयारी कर रहे थे। इससे पहले उनकी हत्या हो गई। इस घटना के बाद कानून व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हुए हैं । वहीं पुलिस के लिए पूरा मामला चुनौती पूर्ण बन गया है क्योंकि 6 दिन बीत जाने के बाद भी उसके हाथ खाली है, लेकिन पुलिस जल्द ही आरोपियों तक पहुंचाने की बात कह रही है।

