
यूनुस मेमन

रतनपुर। रतनपुर थाना में थाना प्रभारी निलेश पांडे की पुनः पदस्थापना के बाद क्षेत्र में कानून व्यवस्था को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि उनके पूर्व कार्यकाल में अपराध नियंत्रण, नशे के कारोबार पर अंकुश तथा यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रभावी कार्य किए गए थे, जिससे आम जनता में सुरक्षा का भाव मजबूत हुआ था।
बताया जाता है कि बिलासपुर पुलिस अधीक्षक के निर्देश एवं मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निलेश पांडे द्वारा अपने कार्यकाल के दौरान अवैध शराब, गांजा एवं अन्य मादक पदार्थों के कारोबारियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया गया था। इसके साथ ही असामाजिक तत्वों, आदतन अपराधियों एवं कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाले लोगों पर भी नियमित कार्रवाई की गई थी। पुलिस की इन कार्रवाइयों से अपराधियों में भय का माहौल बना हुआ था।
निलेश पांडे द्वारा तेज रफ्तार और लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाने वालों पर भी सख्ती बरती गई थी। विशेष रूप से महामाया मंदिर नवरात्रि मेले के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए जगह-जगह स्पीड ब्रेकर एवं अन्य सुरक्षा उपाय किए गए थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन प्रयासों के कारण मेले के दौरान सड़क दुर्घटनाओं में कमी आई और श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण मिला।
ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं ने भी अवैध शराब के विरुद्ध चलाए गए अभियानों की सराहना की थी। कई महिलाओं ने स्वयं थाना पहुंचकर पुलिस की इस मुहिम में सहयोग करने और अपने क्षेत्रों को नशामुक्त बनाने में भागीदारी निभाने की इच्छा व्यक्त की थी।
स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि कुछ लोग उनकी पुनः पदस्थापना से असहज हैं। नागरिकों का आरोप है कि ऐसे लोग नहीं चाहते कि रतनपुर में सख्त पुलिसिंग जारी रहे, क्योंकि इससे अवैध कारोबार और अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित होता है।
नगरवासियों का मानना है कि थाना प्रभारी निलेश पांडे की कार्यशैली निष्पक्ष, सक्रिय और जनहितकारी रही है। उनकी पुनः पदस्थापना से अपराधियों में खौफ और आम नागरिकों में विश्वास का माहौल बना है। लोगों को उम्मीद है कि बिलासपुर पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में रतनपुर में अपराध, नशाखोरी और अवैध गतिविधियों के विरुद्ध अभियान और अधिक प्रभावी ढंग से जारी रहेगा तथा क्षेत्र को अपराधमुक्त बनाने की दिशा में सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।
