
महेश दुबे टाटा
क्या नगर निगम प्रशासन द्वारा शहर के पानी निकासी के प्रमुख नालों की साफ सफाई समय से कर दी गई थी, क्या हम लोग बड़ी-बड़ी पानियों में कचरा नाले-नालीयो में नहीं डालते, अपना मकान बनाने के पूर्व पानी भराव एवं निकासी पर पूर्णता ध्यान देते हैं या रोड तक मकान बना लेते हैं ।1 इंच भी नहीं छोड़ते हैं उन कॉलोनी में मकान ले लेते हैं जहां मूलभूत सुविधाओं का अभाव रहता है शहर के बाहर तेजी से हो रहे बसाहट पर निगम प्रशासन गंभीर नहीं है और यदि कहीं गंभीर होता है तो हम लोग जनप्रतिनिधियों से मिलकर उनकी गंभीरता को खत्म कर देते हैं जिसका परिणाम हम सबके सामने हैं समय रहते नहीं चेते तो इससे भी विकट स्थिति भविष्य में देखने को मिलेगी, शासन प्रशासन के साथ-साथ हमें अपने गिरेबान में भी जागना चाहिए कि हम कितने सही हैं सरकार किसी की भी हो यदि हम नहीं सुधरेंगे तो जग नहीं सुधर सकता!!
लेखक कांग्रेस नेता हैं।
