
यूनुस मेमन

रतनपुर। रतनपुर-कोटा मार्ग पर राहगीरों से लूटपाट की वारदात को अंजाम देने वाले चार आरोपियों को रतनपुर पुलिस ने घटना के चंद घंटों के भीतर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूट में प्रयुक्त दो मोटरसाइकिल और 6,300 रुपये नगद जब्त किए हैं। गिरफ्तार आरोपी आदतन बदमाश बताए जा रहे हैं और पूर्व में भी लूट की घटनाओं में शामिल रहे हैं।
पुलिस के अनुसार भेड़ीमुड़ा निवासी भारत कुमार सूर्यवंशी ने थाना रतनपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह अपने मामा के गांव नेवरा (कोटा) से 15 जुलाई की रात करीब 1:30 बजे घर लौट रहा था। इसी दौरान रतनपुर-कोटा मार्ग स्थित भैंसाझार मोड़ के पास दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार युवकों ने उसकी बाइक को लात मारकर गिरा दिया और जेब में रखे 5 हजार रुपये लूटकर फरार हो गए।
इसी दौरान ग्राम खैरा निवासी अरुण कुमार राज, जो कोटा से रतनपुर आ रहे थे, उन्हें भी आरोपियों ने रोक लिया। गाली-गलौज करते हुए उनसे 15 हजार रुपये नकद और मोबाइल फोन लूट लिया।
घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी निरीक्षक निलेश पाण्डेय ने वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया और उनके निर्देश पर तत्काल पुलिस टीम गठित कर आरोपियों की तलाश शुरू की। पीड़ितों द्वारा बताए गए हुलिए के आधार पर पुलिस ने पूर्व में लूट के मामले में गिरफ्तार हो चुके गुलाब नरेश उर्फ राजा सारथी को घेराबंदी कर पकड़ा। पूछताछ में उसने अपने साथियों शिवप्रसाद यादव, अनवर खान और ओमप्रकाश पोर्ते के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देना स्वीकार कर लिया।
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने यामाहा आर-15 और बजाज पल्सर एनएस मोटरसाइकिल, लूट की राशि में से 6,300 रुपये नगद बरामद किए। शेष राशि आरोपियों द्वारा आपस में बांटकर खर्च कर देने की बात सामने आई है।
गिरफ्तार आरोपियों में गुलाब नरेश उर्फ राजा सारथी (21), शिवप्रसाद यादव (27), अनवर खान (18) और ओमप्रकाश पोर्ते (20) शामिल हैं। सभी रतनपुर थाना क्षेत्र के निवासी हैं। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक निलेश पाण्डेय, उपनिरीक्षक विष्णु यादव, सहायक उपनिरीक्षक पवन सिंह, प्रशिक्षु उपनिरीक्षक अनिल सिंह, आरक्षक आकाश डोंगरे, धीरज कश्यप एवं कीर्ति पैकरा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
