

बिलासपुर। सर्वस्व दानी पं. देवकीनंदन दीक्षित की पुण्यतिथि पर कान्यकुब्ज ब्राह्मण समाज एवं नगर निगम के संयुक्त तत्वावधान में देवकीनंदन चौक में दानदाता सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में महापौर पूजा विधानी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने समाजजनों के साथ दीक्षित जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पूजा-अर्चना की।
कार्यक्रम की शुरुआत संयोजक अनिल तिवारी एवं चन्द्रप्रदीप बाजपेयी ने की। उन्होंने बताया कि दीक्षित जी ने अपनी संपूर्ण संपत्ति वसीयत के माध्यम से नगर निगम को समर्पित कर दी थी। समाज अध्यक्ष अरविन्द दीक्षित ने स्वागत उद्बोधन में ट्रस्ट के पुनर्गठन, समाज के पदेन अध्यक्ष व सचिव को ट्रस्टी बनाए जाने तथा सीपत के ग्राम कारी छापर स्थित 77 एकड़ भूमि को वसीयत के अनुरूप बालिका छात्रवृत्ति के लिए नीलाम करने की मांग रखी।
महापौर पूजा विधानी ने कहा कि ऐसे दानवीर का जीवन पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए, ताकि नई पीढ़ी को प्रेरणा मिल सके। उन्होंने वसीयत के अनुरूप कार्य करने का आश्वासन देते हुए मुक्तिधाम सरकंडा में प्रतिमा स्थापना, देवकीनंदन चौक पर सीढ़ी निर्माण तथा देवकीनंदन औषधालय में चिकित्सक व दवाइयों की व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही।
इस अवसर पर विकलांग चेतना परिषद द्वारा समाजसेवियों एवं प्रतिभाओं का सम्मान किया गया। सम्मानित होने वालों में राजेन्द्र अग्रवाल, मदन मोहन अग्रवाल, डीपी गुप्ता, राजू सुल्तानिया, 8 वर्षीय अद्विक मिश्रा, 82 वर्षीय मंजू मित्रा, चन्द्रचूड़ त्रिपाठी एवं संज्ञा टंडन शामिल रहे।
डॉ. प्रदीप शुक्ला ने आयुर्वेद औषधालय में निशुल्क सेवा देने की घोषणा की। कार्यक्रम में पूर्व विधायक चन्द्रप्रकाश बाजपेयी, दयानंद तीर्थोनी, ज्ञान अवस्थी, प्रभात मिश्रा, राकेश शर्मा, कृष्ण मोहन पाण्डेय, रामनारायण तिवारी, देवी शुक्ला, एसएन बाजपेयी, दिव्य प्रकाश दुबे, योगेश तिवारी, भागवत शरदमटोलिया, जगदीश प्रीत वाणी, विनोद तिवारी, मृदुला अवस्थी, लताड मिश्रा सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
