

सकरी हाँफा में सिद्ध बघर्रा पाठ महाराज नृसिंह भगवान मंदिर में गुरुवार, को आषाढ़ माह कृष्ण पक्ष के पावन अवसर पर एक भव्य धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया इस अवसर पर मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और जप के साथ श्री रामचरितमानस पाठ गायन का आयोजन किया गया आचार्य धनेश उपाध्याय जी ने बताया सनातन धर्म में आषाढ़ मास और गुरुवार का दिन विष्णु भगवान की साधना के लिए अत्यंत फलदायी माना गया है आषाढ़ मास में भगवान विष्णु के वामन अवतार के साथ-साथ उनके उग्र और रक्षक स्वरूप यानी नृसिंह भगवान की पूजा का भी विशेष विधान है मान्यता है कि जो भक्त इस शुभ संयोग में पूर्ण निष्ठा और व्रत के साथ नृसिंह भगवान की आराधना करते हैं, उनके जीवन के सभी संकट दूर हो जाते हैं और उन्हें हर प्रकार के भय से मुक्ति मिलती है संध्या संगीतमय मानस पाठ से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा, जिसमें स्थानीय श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया इस भक्तिमय वातावरण में भक्तों ने भगवान नृसिंह का आशीर्वाद प्राप्त किया अनुष्ठान की पूर्णता पर प्रसाद भंडारे का आयोजन किया गया इस दौरान सैकड़ों की संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों ने भक्ति भाव से प्रसाद ग्रहण किया आचार्य जी ने इस सफल आयोजन के लिए सभी भक्तों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया इस भव्य कार्यक्रम में उपस्थित भक्तों में पंडित रामकुमार उपाध्याय, पंडित रमेश अवस्थी,पंडित डॉ महेंद्र दुबे, पंडित संजय तिवारी, कुमारी सोनल उपाध्याय, पंडित राजेंद्र तिवारी, पंडित क्रियांश उपाध्याय,कुमारी हेमाक्षी उपाध्याय,भेदी कैवर्त, पंडित रमेश उपाध्याय ,रामलाल कश्यप,अवधेश गुप्ता, पंडित केजू राम शर्मा,माधव श्रीवास, पंडित के पी.दुबे, पंडित सुरेंद्र उपाध्याय, पंडित राजेंद्र उपाध्याय ,ब्रह्मानंद यादव आदि समस्त भक्त उपस्थित रहे
