

राजधानी रिपोर्टर/सौरभ साहू कि विशेष रिपोर्ट,,,
दिनांक 15/07/2026,
लोकेशन: ग्राम पंचायत चंदरपुर ढुढरा, जिला सूरजपुर (छत्तीसगढ़)
सूरजपुर। शासन-प्रशासन द्वारा गांवों में विकास के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों से बिल्कुल अलग नजर आ रही है। सूरजपुर शहर से लगे ग्राम पंचायत चंदरपुर ढुढरा की बदहाल सड़क और वर्षों से बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटें विकास की सच्चाई बयां कर रही हैं। सबसे गंभीर बात यह है कि इस समस्या को प्रमुखता से समाचार पत्रों और मीडिया में प्रकाशित किए जाने के बाद भी आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। बरसात शुरू होते ही गांव की मुख्य सड़क कीचड़ और गहरे गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। सड़क पर जगह-जगह पानी जमा होने से पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है। दोपहिया वाहन चालक फिसलकर दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं, जबकि स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता का अभाव रहा, जिसके कारण कुछ ही वर्षों में सड़क पूरी तरह उखड़ गई। कई बार पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों को शिकायत करने के बावजूद केवल आश्वासन मिला, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
नाली नहीं, इसलिए सड़क बनी तालाब
चंदरपुर ढुढरा गांव में नाली का अभाव होने के कारण बारिश का पूरा पानी सड़क पर ही भर जाता है। इससे गंदगी फैल रही है और मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। ग्रामीणों को डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा सताने लगा है।
रात में अंधेरे का साम्राज्य, स्ट्रीट लाइटें वर्षों से बंद
चंदरपुर के ग्रामीणों की एक और बड़ी शिकायत यह है कि गांव की रोड लाइटें लंबे समय से बंद पड़ी हैं। रात होते ही पूरा इलाका अंधेरे में डूब जाता है। लोगों को रात में घर से बाहर निकलने में डर लगता है। सांप-बिच्छू और असामाजिक तत्वों का भी खतरा बना रहता है। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग सबसे अधिक परेशान हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार स्ट्रीट लाइट ठीक कराने की मांग की गई, लेकिन जिम्मेदार विभाग ने अब तक कोई ध्यान नहीं दिया।
खबर छपी, लेकिन जिम्मेदार मौन
ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या को पहले भी समाचार पत्रों और मीडिया के माध्यम से प्रशासन तक पहुंचाया गया था। उम्मीद थी कि अधिकारी मौके पर पहुंचकर समस्या का समाधान करेंगे, लेकिन खबर प्रकाशित होने के बाद भी न सड़क बनी, न नाली बनी और न ही स्ट्रीट लाइटें चालू कराई गईं। इससे ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति नाराजगी लगातार बढ़ रही है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क, नाली और स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था नहीं की गई तो बरसात के दौरान कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
तत्काल सड़क का पुनर्निर्माण कराया जाए।
पूरे गांव में नाली निर्माण कर जलभराव की समस्या दूर की जाए।
सभी बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को तुरंत चालू कराया जाए।
सड़क निर्माण में हुई कथित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए।
अब बड़ा सवाल यह है
क्या प्रशासन इस बार ग्रामीणों की आवाज सुनेगा, या फिर विकास के दावे केवल कागजों और भाषणों तक ही सीमित रह जाएंगे?
