
बिलासपुर। करगीरोड रेलवे स्टेशन पर मालगाड़ी के तीन वैगनों के पटरी से उतरने के मामले में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से सभी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। वहीं, बिलासपुर रेल मंडल में 48 घंटे के भीतर हुए दो मालगाड़ी डिरेलमेंट की जांच के लिए रेलवे प्रशासन ने अलग-अलग जांच समितियों का गठन किया है।
आरपीएफ के अनुसार, 13 जुलाई को करगीरोड रेलवे स्टेशन की लाइन नंबर-3 पर मालगाड़ी के तीन वैगन पटरी से उतर गए थे। जांच में सामने आया कि कुछ लोग जेसीबी का छोटा बकेट यात्री कोच में रखकर अनियमित तरीके से रेलवे ट्रैक पार करा रहे थे। इसी दौरान बकेट ट्रैक पर ही छूट गया। मालगाड़ी के आने पर सभी मौके से भाग निकले और बकेट से टकराने के कारण वैगन डिरेल हो गए।
मामले में रेलवे अधिनियम की धारा 153, 147 और 145 के तहत अपराध दर्ज कर आरपीएफ ने मो. समीर, अभिषेक यादव, अमित यादव, देव सिंह गौड़ उर्फ मुत्रा, गणेश उर्फ बुद्ध सिंह गोंड, छत्रपति मरावी उर्फ मुंडा, लोकेश मरावी उर्फ लक्की, नरहर सिंह टेकाम उर्फ पिंटू, कमलेश टेकाम उर्फ मुत्रा और अनुराग मरावी को गिरफ्तार किया। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
इधर, बिलासपुर रेल मंडल में 48 घंटे के भीतर दो मालगाड़ियों के डिरेलमेंट की घटनाओं के बाद रेलवे प्रशासन ने जांच तेज कर दी है। शनिवार को बिलासपुर रेलवे स्टेशन के पास शंकर नगर आरओबी के नीचे डाउन लाइन पर एक मालगाड़ी का वैगन पटरी से उतर गया था, जबकि सोमवार को करगीरोड स्टेशन पर दूसरा हादसा हुआ।
दोनों मामलों की जांच के लिए आठ अधिकारियों की अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं। शंकर नगर डिरेलमेंट की जांच पांच सदस्यीय समिति करेगी, जबकि करगीरोड हादसे की जांच तीन सदस्यीय टीम को सौंपी गई है। दोनों जांच समितियों के संयोजक एडीएसओ बिलासपुर होंगे। रेलवे प्रशासन ने जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई करने की बात कही है।
