

बिलासपुर। एसएसपी कार्यालय के सामने गर्भवती महिला की कार रोककर क्रेन के जरिए जबरन ले जाने की कोशिश के मामले में सिविल लाइन पुलिस ने महिंद्रा फाइनेंस कंपनी के तीन कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। महिला की शिकायत, घटना के वीडियो और प्रारंभिक जांच के आधार पर पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, मंगला स्थित दीनदयाल कॉलोनी निवासी प्रिया ठाकुर ने शिकायत में बताया कि 11 जुलाई को वह अपने पति अंकित सिंह और मां के साथ अस्पताल जांच कराने जा रही थीं। इसी दौरान नेहरू चौक स्थित मल्टीलेवल पार्किंग के पास महिंद्रा फाइनेंस से जुड़े सिद्धार्थ अग्रवाल, निशांत गुप्ता और सोहेल अख्तर ने उनकी कार रुकवा ली।
महिला का आरोप है कि कर्मचारियों ने बकाया किस्त का हवाला देते हुए वाहन जब्त करने की बात कही। उन्होंने कर्मचारियों को बताया कि वह गर्भवती हैं और एक घंटे के भीतर बकाया किस्त जमा कर दी जाएगी। तय समय के भीतर राशि जमा होने के बावजूद कर्मचारियों ने वाहन छोड़ने से इनकार कर दिया और क्रेन बुलाकर कार टो करने का प्रयास किया।
घटना की सूचना मिलने पर डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची, जिसके बाद मामला शांत हुआ। महिला ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड किया, जिसे पुलिस ने साक्ष्य के रूप में जब्त कर लिया है।
सिविल लाइन पुलिस ने महिला की शिकायत के आधार पर महिंद्रा फाइनेंस कंपनी के तीनों कर्मचारियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 296, 126, 351(3) और 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
