

बिलासपुर। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद एवं कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष इमरान प्रतापगढ़ी ने देश में लगातार सामने आ रही पेपर लीक की घटनाओं को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। रविवार को शहर के एक निजी होटल में आयोजित ‘छात्रों की गूंज-छात्र संवाद’ कार्यक्रम में उन्होंने आरोप लगाया कि देश में अब तक 89 से अधिक पेपर लीक की घटनाएं हो चुकी हैं, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने दावा किया कि इन घटनाओं से निराश होकर 21 छात्रों ने अपनी जान गंवाई है।
इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि लगातार हो रही परीक्षा संबंधी अनियमितताओं से प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए इस्तीफा देने की मांग की। उनका कहना था कि इतनी बड़ी संख्या में पेपर लीक होने के बावजूद न तो शिक्षा मंत्री ने जिम्मेदारी ली और न ही प्रधानमंत्री ने कोई ठोस कार्रवाई की।

कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव, भिलाई विधायक देवेंद्र यादव सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान इमरान प्रतापगढ़ी ने छात्रों से संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं।
उन्होंने कहा कि केवल नए कानून या नियम बना देने से पेपर लीक जैसी समस्या समाप्त नहीं होगी। इसके लिए परीक्षा प्रणाली की खामियों को दूर करना होगा। अपनी बात को उदाहरण के साथ रखते हुए उन्होंने कहा, “यदि किसी व्यक्ति को बुखार है तो थर्मामीटर बदलने से बुखार खत्म नहीं होता, बीमारी का इलाज करना पड़ता है।” उन्होंने कहा कि पेपर लीक की समस्या का भी स्थायी समाधान तभी संभव है, जब इसकी जड़ पर प्रहार किया जाए।

प्रतापगढ़ी ने कहा कि सरकार को प्रचार-प्रसार से अधिक परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी, सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि एयर फोर्स जैसी संस्थाओं का काम परीक्षाएं आयोजित करना नहीं है। सरकार को शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर गंभीरता से काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पुराने मामलों को उखाड़ने की बजाय वर्तमान समस्याओं का समाधान करना अधिक आवश्यक है।

उन्होंने छात्रों को भरोसा दिलाया कि मेहनत करने वाले युवाओं के साथ हो रहे अन्याय का मुद्दा संसद में भी मजबूती से उठाया जाएगा। उनका कहना था कि देश के लाखों युवाओं का भविष्य सुरक्षित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
स्वागत व्यवस्था को लेकर कांग्रेस में चर्चा

‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम कांग्रेस के बैनर तले आयोजित किया गया, लेकिन स्वागत व्यवस्था को लेकर पार्टी के भीतर ही चर्चाएं होती रहीं। कार्यक्रम में इमरान प्रतापगढ़ी का स्वागत मुख्य रूप से अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों द्वारा किया गया। चूंकि वह कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, इसलिए अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ की सक्रियता अधिक दिखाई दी। वहीं, पार्टी की अन्य संगठनात्मक इकाइयों और कई वरिष्ठ कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भूमिका अपेक्षाकृत सीमित नजर आई, जिसे लेकर कुछ कार्यकर्ताओं में नाराजगी और असंतोष की चर्चा भी रही।
कार्यक्रम के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में पूर्व विधायक शैलेष पांडेय, शहर कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा, ग्रामीण अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री, पूर्व जिलाध्यक्ष विजय केशरवानी, अभय नारायण राय सहित कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
