
शशि मिश्रा
मुंगेली। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित चिरायु योजना ने ग्राम सेंनगुड़ा की चार वर्षीय बालिका जोएना जांगड़े के जीवन में नई उम्मीदों का उजाला भर दिया है। जन्मजात मोतियाबिंद के कारण दोनों आंखों से देखने में असमर्थ जोएना का निःशुल्क उपचार कर उसकी दृष्टि वापस लौटाई गई।
जानकारी के अनुसार चिरायु दल द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान जोएना की गंभीर नेत्र समस्या की पहचान की गई। इसके बाद विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार प्रारंभ किया गया। 25 अप्रैल 2026 को उसकी एक आंख तथा 12 जून 2026 को दूसरी आंख का सफल ऑपरेशन किया गया।
दोनों ऑपरेशन सफल होने के बाद अब जोएना अपनी दोनों आंखों से सामान्य रूप से देख पा रही है। दृष्टि वापस मिलने से उसके परिवार में खुशी का माहौल है और बच्ची के जीवन में नई संभावनाओं के द्वार खुल गए हैं।
यह उपलब्धि कलेक्टर कुन्दन कुमार के निर्देश, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शीला साहा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) डॉ. गिरीश कुर्रे तथा चिरायु योजना के नोडल अधिकारी डॉ. कमलेश कुमार के मार्गदर्शन में संभव हो सकी।
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि चिरायु योजना के माध्यम से बच्चों में जन्मजात बीमारियों, विकृतियों और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की समय पर पहचान कर निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे जरूरतमंद बच्चों को नया जीवन और बेहतर भविष्य मिल रहा है।
