
बिलासपुर/कोटा। कोटा विकासखंड के ग्राम अमाली में मेसर्स विराज अर्थ फ्यूजन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा प्रस्तावित कोल वाशरी परियोजना को लेकर शुक्रवार को पर्यावरण संरक्षण मंडल की जनसुनवाई आयोजित की गई। सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक चली इस जनसुनवाई में ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, छात्रों एवं अन्य नागरिकों ने भाग लेकर अपनी राय और आपत्तियां दर्ज कराईं।
जनसुनवाई के दौरान प्रशासन ने प्रारंभ में आधार कार्ड के आधार पर प्रवेश की व्यवस्था की थी, हालांकि बाद में अन्य लोगों को भी अपनी बात रखने का अवसर दिया गया। सुनवाई में करीब 500 लोग उपस्थित रहे, जिनमें लगभग 280 लोगों ने परियोजना के पक्ष और विपक्ष में अपने विचार रखे।
ग्रामीणों ने प्रस्तावित कोल वाशरी को लेकर कई गंभीर आपत्तियां उठाईं। उनका कहना था कि परियोजना के लिए चयनित भूमि कृषि उपयोग की है तथा कोल वाशरी स्थापित होने से क्षेत्र में प्रदूषण बढ़ने की आशंका है। छात्रों ने भी शैक्षणिक संस्थानों के निकट उद्योग स्थापित किए जाने पर चिंता व्यक्त की। जनसुनवाई के दौरान कुछ समय के लिए नारेबाजी भी हुई, हालांकि प्रशासन की समझाइश के बाद स्थिति शांत रही।
जनसुनवाई में पूर्व जनपद अध्यक्ष संदीप शुक्ला ने स्थानीय लोगों की चिंताओं को गंभीरता से लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित स्थल के समीप कॉलेज स्थित है, जिससे छात्रों और क्षेत्र के पर्यावरण पर प्रभाव पड़ सकता है। वहीं कांग्रेस के पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष आदित्य दीक्षित ने भी अपनी आपत्तियां दर्ज कराते हुए परियोजना के विभिन्न पहलुओं पर सवाल उठाए।
इस दौरान एडीएम शिवकुमार बनर्जी ने लोगों से शांतिपूर्ण एवं कानूनी दायरे में रहकर अपनी बात रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी पक्षों को अपनी बात रखने का पूरा अवसर दिया जा रहा है तथा जनसुनवाई में प्राप्त सभी सुझावों और आपत्तियों को संबंधित प्राधिकरण को भेजा जाएगा।
गौरतलब है कि ग्राम अमाली में प्रस्तावित कोल वाशरी को लेकर लंबे समय से समर्थन और विरोध दोनों तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आती रही हैं। इससे पहले दिसंबर 2025 और मई 2026 में प्रस्तावित जनसुनवाई विरोध के चलते नहीं हो सकी थी। जनसुनवाई से एक दिन पूर्व कलेक्टोरेट परिसर में भी विरोध प्रदर्शन किया गया था।
संभावित विरोध और हंगामे को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। मौके पर एक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, चार डीएसपी, पांच थाना प्रभारी तथा लगभग 150 पुलिस जवान तैनात किए गए थे। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जनसुनवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।
