
आकाश मिश्रा
बिलासपुर। बिलासपुर तहसील कार्यालय में एसडीएम की सील लगे दस्तावेजों पर अनधिकृत हस्ताक्षर किए जाने के आरोप सामने आने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। मामले से संबंधित एक ऑडियो वायरल होने के बाद प्रशासन ने लोक सेवा केंद्र के ऑपरेटर राकेश साहू को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।
जानकारी के अनुसार लोक सेवा केंद्र में कार्यरत ऑपरेटर राकेश साहू पर आरोप है कि उन्होंने कुछ सरकारी दस्तावेजों पर एसडीएम कार्यालय की सील का उपयोग करते हुए हस्ताक्षर किए। वायरल ऑडियो में भी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए जाने को लेकर बातचीत सुनाई देने का दावा किया जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक कुछ ऐसे दस्तावेज भी सामने आए हैं, जिन पर एसडीएम कार्यालय की सील लगी हुई है, लेकिन उनमें किए गए हस्ताक्षर संबंधित अधिकारी के वास्तविक हस्ताक्षरों से मेल नहीं खाते। हालांकि इन दस्तावेजों की प्रामाणिकता और आरोपों की सत्यता की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
बताया जा रहा है कि राकेश साहू की पूर्व में क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) में पदस्थापना की गई थी, लेकिन उन्होंने अपने प्रभाव का उपयोग करते हुए आरटीओ में कार्यभार ग्रहण करने के बजाय तहसील कार्यालय में ही अपनी पदस्थापना बनाए रखी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने संबंधित ऑपरेटर को कारण बताओ नोटिस जारी कर निर्धारित समय सीमा के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में बिना अधिकार के किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए जाने की पुष्टि होती है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस संबंध में एसडीएम मनीष साहू ने कहा, “संबंधित ऑपरेटर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। यदि किसी दस्तावेज पर बिना अधिकार के हस्ताक्षर किए गए हैं तो यह गंभीर अनियमितता है। मामले की जांच कराई जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।”
