
यूनुस मेमन

बिलासपुर/रतनपुर, 6 जून 2026। रतनपुर क्षेत्र में एक महिला की ऑपरेशन के बाद हुई मौत को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मृतका के परिजनों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रतनपुर में पदस्थ चिकित्सक डॉ. नेहल झा पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। मामले को लेकर रतनपुर थाने में लिखित शिकायत दी गई है।

मृतका के पुत्र मुकेश साहू निवासी ग्राम पोड़ी नवागांव, तहसील रतनपुर ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया है कि उनकी माता कुमारी बाई साहू (50 वर्ष) को बच्चेदानी के ऑपरेशन के लिए 6 जून को रतनपुर स्थित मातृका नर्सिंग होम ले जाया गया था। परिजनों के अनुसार ऑपरेशन के लिए लगभग 35 हजार रुपये में सहमति बनी थी, जबकि अस्पताल में 15 हजार रुपये नगद जमा भी किए गए थे।

आरोप है कि डॉ. नेहल झा ने महिला को ऑपरेशन थिएटर में ले जाकर सर्जरी शुरू की, लेकिन कुछ समय बाद मरीज की स्थिति बिगड़ने पर बीपी ठीक नहीं होने का हवाला देते हुए अपने निजी एम्बुलेंस से सिम्स अस्पताल बिलासपुर भेज दिया। परिजनों का दावा है कि मरीज को बिना किसी वैध रेफर लेटर और आवश्यक दस्तावेजों के सिम्स भेजा गया।

मुकेश साहू का आरोप है कि सिम्स पहुंचने पर डॉक्टरों ने प्रारंभिक जांच के दौरान बताया कि मरीज का पहले से ऑपरेशन किया जा चुका है। इसके कुछ ही समय बाद महिला की मृत्यु हो गई। परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते उचित इलाज और चिकित्सकीय सावधानी बरती जाती तो उनकी माता की जान बचाई जा सकती थी।

मृतका के परिवार ने आरोप लगाया है कि डॉ. नेहल झा द्वारा लापरवाहीपूर्वक ऑपरेशन किया गया और स्थिति गंभीर होने पर जिम्मेदारी से बचने के लिए मरीज को दूसरे अस्पताल भेज दिया गया। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि नर्सिंग होम परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग जब्त कर पूरे घटनाक्रम की जांच की जाए।
मामले को और गंभीर बनाते हुए परिजनों तथा स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि डॉ. नेहल झा सरकारी चिकित्सक होने के बावजूद नियमों के विपरीत निजी अस्पताल का संचालन कर रही हैं। बताया जा रहा है कि वे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रतनपुर में पदस्थ हैं, लेकिन गांधीनगर थाना क्षेत्र के पास स्थित मातृका नर्सिंग होम का संचालन भी करती हैं और वहां मरीजों का इलाज तथा ऑपरेशन करती हैं।
परिजनों का आरोप है कि कुमारी बाई साहू को पहले सरकारी अस्पताल ले जाया गया था, जहां से उन्हें बेहतर इलाज का भरोसा दिलाकर निजी नर्सिंग होम ले जाने के लिए प्रेरित किया गया। आरोप यह भी है कि सरकारी अस्पताल आने वाले कुछ मरीजों को निजी अस्पताल में इलाज कराने के लिए भेजा जाता है, जिसकी भी जांच की जानी चाहिए।
महिला की मौत के बाद अस्पताल परिसर और रतनपुर क्षेत्र में काफी हंगामा देखने को मिला। परिजनों ने दोषी डॉक्टर के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में अस्पताल का डीवीआर जब्त करने, पूरे उपचार संबंधी दस्तावेजों की जांच कराने तथा ऑपरेशन प्रक्रिया की विशेषज्ञ समिति से जांच कराने की मांग भी की गई है।
फिलहाल पुलिस ने शिकायत प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं स्वास्थ्य विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और आरोपों के आधार पर संबंधित चिकित्सक के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।
