


गंदगी, जलकुंभी और शहर के नालियों का गंदा पानी से अरपा बेहाल है, ऐतिहासिक घाटों का नाम को विलुप्त कर अंग्रेजी नाम देकर विकास का ढिंढोरा पीटा गया।
बिलासपुर में जब से अरपा नदी की यह स्थिति हुई है जल संकट बढ़ा है। अरपा बचाओ अभियान द्वारा लगातार जिला प्रशासन को सचेत किया गया कि अरपा के किनारों को कांक्रीट करण करने के बजाए कोनी से तोरवा तक नदी के दोनों किनारे पेड़ लगाया जाए, ऐतिहासिक घाटों का नाम यथावत रहे, पर जिला प्रशासन, नगर निगम और वन विभाग कान,आँख बंद कर जहां उनका लाभ दिखाई देता है वहां हर वर्ष विकास के नाम पर करोड़ो रुपए खर्च कर रहे है और समस्या जस का तस है ।

