

छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में एक बार फिर बड़े प्रशासनिक बदलाव करते हुए एडिशनल एसपी डीएसपी और रिजर्व इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारियों की ट्रांसफर सूची जारी की गई है । पुलिस मुख्यालय में कई दिनों से इस तबादला सूची को अंतिम रूप दिया जा रहा था। सोमवार को जारी सूची में रायपुर में पदस्थ प्रशांत शुक्ला को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुंगेली पदस्थ किया गया है, तो वही मोहला मानपुर अंतागढ़ चौकी में पदस्थ उप पुलिस अधीक्षक आशीष अरोरा को वापस मुंगेली भेजते हुए एसडीओपी मुंगेली बनाया गया है। कोरिया जिले की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती सुरेशा चौबे को बिलासपुर में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के तौर पर वापस भेजा गया है।

कौन हैं आशीष अरोरा
खेल के मैदान और पुलिस सेवा—दोनों ही ऐसे क्षेत्र हैं जहाँ अनुशासन, साहस, नेतृत्व और समर्पण की सर्वोच्च परीक्षा होती है। छत्तीसगढ़ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी एवं अंतरराष्ट्रीय वॉलीबॉल खिलाड़ी आशीष अरोरा उन चुनिंदा व्यक्तित्वों में शामिल हैं जिन्होंने इन दोनों क्षेत्रों में उल्लेखनीय पहचान बनाई। एक ओर उन्होंने भारतीय वॉलीबॉल टीम का प्रतिनिधित्व कर देश का गौरव बढ़ाया, वहीं दूसरी ओर पुलिस सेवा में उत्कृष्ट कार्य करते हुए जनविश्वास अर्जित किया।
दुर्ग से अंतरराष्ट्रीय मंच तक
आशीष अरोरा का जन्म दुर्ग में हुआ। खेल के प्रति उनका झुकाव बचपन से ही था। कड़ी मेहनत और निरंतर अभ्यास के बल पर उन्होंने वॉलीबॉल में ऐसी पहचान बनाई कि भारतीय टीम में उनका चयन हुआ। वर्ष 1996 से 2001 के बीच भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए 13 अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया।
भारतीय टीम के भरोसेमंद खिलाड़ी

आशीष अरोरा भारतीय वॉलीबॉल टीम के साथ लगभग 36 देशों में खेल चुके हैं। उनके शानदार प्रदर्शन के कारण उन्हें एशिया के उत्कृष्ट खिलाड़ियों में भी स्थान मिला। उनकी पहचान केवल एक अच्छे खिलाड़ी की नहीं, बल्कि टीम का मनोबल बढ़ाने वाले अनुशासित खिलाड़ी के रूप में भी रही।
छत्तीसगढ़ का पहला शहीद गुण्डाधुर पुरस्कार
छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद खेल क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिए जाने वाले प्रतिष्ठित शहीद गुण्डाधुर पुरस्कार के प्रथम प्राप्तकर्ता बनने का गौरव भी आशीष अरोरा को मिला। वर्ष 2001 में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया, जो राज्य के खेल इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जाती है।
पुलिस सेवा में भी उत्कृष्ट पहचान
खेल के साथ-साथ आशीष अरोरा ने पुलिस सेवा में भी शानदार कार्य किया। विभिन्न जिलों में उन्होंने थाना प्रभारी के रूप में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और जनसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए। उनकी उत्कृष्ट पुलिस सेवा के लिए उन्हें अविभाजित मध्यप्रदेश में विक्रम अवार्ड तथा बाद में छत्तीसगढ़ में भी सम्मानित किया गया। आशीष अरोरा इससे पहले बिलासपुर के तोरवा और कोतवाली थाना एवं मुंगेली कोतवाली थाना में निरीक्षक के तौर पर पदस्थ रहे हैं। इससे पूर्व वे कोटा में एसडीओपी भी थे, जहां से उनका स्थानांतरण भाटापारा बलोदा बाजार और मानपुर मोहला हो गया था।
वर्ष 2020 के एक समाचार के अनुसार वे मुंगेली सिटी कोतवाली में थाना प्रभारी के रूप में पदस्थ थे।
खेल और पुलिस—दोनों में अनुशासन की मिसाल
आशीष अरोरा का मानना रहा कि खेल व्यक्ति में नेतृत्व, धैर्य, निर्णय क्षमता और टीम भावना विकसित करता है। यही गुण उनकी पुलिस सेवा में भी दिखाई दिए। खेल मैदान में सीखी गई अनुशासन और फिटनेस की संस्कृति को उन्होंने पुलिस विभाग में भी अपनाया।
सम्मान और उपलब्धियाँ
भारतीय वॉलीबॉल टीम का प्रतिनिधित्व।
13 अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी।
लगभग 36 देशों में भारत का प्रतिनिधित्व।
छत्तीसगढ़ के प्रथम शहीद गुण्डाधुर पुरस्कार से सम्मानित।
उत्कृष्ट पुलिस सेवा के लिए विक्रम अवार्ड।
खेल और पुलिस सेवा दोनों क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान के लिए विभिन्न संस्थाओं द्वारा सम्मानित।
प्रेरणास्रोत व्यक्तित्व
आशीष अरोरा का जीवन इस बात का उदाहरण है कि यदि व्यक्ति में दृढ़ संकल्प, अनुशासन और मेहनत हो तो वह एक साथ कई क्षेत्रों में उत्कृष्टता हासिल कर सकता है। उन्होंने वॉलीबॉल कोर्ट पर देश का नाम रोशन किया और पुलिस की वर्दी पहनकर समाज की सेवा भी की। यही कारण है कि वे आज भी छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों और पुलिस कर्मियों के लिए प्रेरणा का स्रोत माने जाते हैं।
