बिलासपुर में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया “वर्षो वरन उत्सव”, बंगाली नववर्ष पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की रही धूम


बिलासपुर।
बिलासपुर बंगाली समाज द्वारा आयोजित “वर्षो वरन उत्सव” बंगाली नववर्ष के उपलक्ष्य में बंगाली समाज मंच, एल–2/एल–3, विनोबा नगर में हर्षोल्लास और उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में दर्शकों और प्रतिभागियों की उपस्थिति ने इसे एक जीवंत और रंगारंग सांस्कृतिक उत्सव का स्वरूप प्रदान किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ अध्यक्ष देबाशीष नंदी के प्रेरणादायक संबोधन से हुआ। उन्होंने अपने उद्बोधन में नववर्ष के महत्व पर प्रकाश डालते हुए समाज में एकता, आपसी सौहार्द और सांस्कृतिक मूल्यों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
इसके पश्चात समूह गीत की मनमोहक प्रस्तुति दी गई, जिसमें मौसुमी चक्रवर्ती, रेखा दास, स्वस्तिका बिस्वास, सीमा सेनगुप्ता, सौरभ चक्रवर्ती, मौमिता चक्रवर्ती, अपराजिता चौधरी, अपर्णा घोष, जयश्री भट्टाचार्य, स्वागता सुर, स्वागता चौधरी, श्राबणी दत्ता, तुहीन चटर्जी, शुभांशु शेखर घोष, देवाशीष नंदी, राजा दासगुप्ता एवं गोपा दासगुप्ता ने अपनी सुरीली प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया।


इसके बाद एकल गायन की श्रृंखला में सूक्ति विश्वास, डॉ. सुदीप्तो दत्ता (सैक्सोफोन), शुभांशु शेखर घोष, मौसुमी चक्रवर्ती, सौरभ चक्रवर्ती, स्वागता चौधरी, श्राबणी दत्ता, तुहिन चटर्जी तथा नन्ही कलाकार अर्मिमा पाल ने अपनी-अपनी प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
श्रुतिनाटक की लेखन एवं प्रस्तुति डॉ. सोमनाथ मुखर्जी और इप्सिता दत्ता द्वारा दी गई, जिसे दर्शकों ने विशेष रूप से सराहा।


नृत्य प्रस्तुतियों में तानिमा रॉय, नीलिमा घोष, सुष्मिता घोष, सुमिता दास, मौमिता चक्रवर्ती, मौमिता पालित, पूजा परमानिक, सोनाली बनर्जी, स्वातोंना दासगुप्ता सहित अन्य कलाकारों ने अपनी उत्कृष्ट कला का प्रदर्शन किया। इसके अतिरिक्त दिलीशा नायक रॉय, तनिशा बैन, नोएल रॉय, आयुषी पालित, अंजली बनर्जी और आदृती घोष की प्रस्तुतियाँ भी दर्शकों द्वारा सराही गईं। संपूर्ण नृत्य कार्यक्रम का निर्देशन गोपा दासगुप्ता द्वारा किया गया, जबकि देविका दास के शास्त्रीय नृत्य ने विशेष आकर्षण बटोरा।
कविता पाठ (Recitation) में आयुष परमानिक की प्रस्तुति उल्लेखनीय रही और उन्होंने अपनी अभिव्यक्ति से दर्शकों की सराहना प्राप्त की।


कार्यक्रम का कुशल संचालन राजा दासगुप्ता ने किया। अंत में सचिव बिलास कुमार दास ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत कर कार्यक्रम का समापन किया। इस सफल आयोजन में श्री अशोक बोस, कल्याण दत्ता और जीवन घोष का विशेष सहयोग रहा।
समग्र रूप से यह उत्सव बंगाली संस्कृति, परंपरा और सामुदायिक एकता का एक उत्कृष्ट उदाहरण सिद्ध हुआ, जिसने उपस्थित जनसमूह को नववर्ष के उल्लास से सराबोर कर दिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!