
शशि मिश्रा
शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। आलम यह है कि ट्रैफिक पुलिस के नदारद रहने से सोमवार की दोपहर एक बजे गोलबाजार की व्यस्त सड़क पर एक एक ट्रैक्टर ट्रैक्टर घुस गया, इससे पूरे बाजार का ट्रैफिक जाम हो गया, यहां तक कि वाहनों की भीड़ में एक महतारी एक्सप्रेस भी फंस गई, भीषण गर्मी में लोग एक घंटे तक पसीना बहाते रहे। भारी मशक्कत के बाद ट्रैक्टर को बाहर निकाला गया, उसके बाद यातायात सामान्य हुआ।
महतारी एक्सप्रेस में मरीज फंसी
ध्वस्त है शहर की यातायात व्यवस्था
पिछले कुछ दिनों से जिले में भीषण गर्मी पड़ रही है। इसे देखते हुए दोपहर 12 से शाम 4 बजे चौक चौराहों पर लगे ट्रैफिक सिग्नल बंद किए जा रहे हैं। तापमान 43 डिग्री से अधिक होने के कारण लोग भी अतिआवश्यक काम होने पर ही घर से बाहर निकल रहे हैं, सड़कों पर ट्रैफिक कम होने से ट्रैफिक पुलिस के जवान भी सड़कों और चौक चौराहों से नदारद हो गए हैं। हालत यह है कि दोपहर
में भीड़भरी सड़कों पर भारी वाहन, बिल्डिंग मटैरियल लेकर चलने वाले वाहन दौड़ते नजर आने लगे हैं। ट्रैफिक पुलिस के नहीं होने से 20 अप्रैल की दोपहर 1 बजे एक ट्रैक्टर गोलबाजार के अंदर पहुंच गया, जिससे उदल चौक से गोलबाजार तक लंबा जाम लग गया, सड़क पर सैकड़ों वाहन फंस गए। जाम में मरीज लेकर जा रही महतारी एक्सप्रेस भी फंस गई। दोनों ओर से बेतरतीब वाहनों के घुसने से लंबा जाम लगा रहा और भीषण गर्मी में वाहन सवार पसीना बहाते खड़े रहे। लोगों ने स्वयं वाहनों को हटावाकर ट्रैक्कर को बाहर निकलवाया, उसके बाद आवागमन सामान्य हो पाया।
पेट्रोलिंग पार्टी नजर नहीं आई
यातायात व्यवस्था सुचारू बनाने के लिए शहर को चार जोन में बांटकर गश्त करने पेट्रोलिंग पार्टी बनाई गई है। गोलबाजार में बेलगाम ट्रैक्टर घुसने से एक घण्टे तक जाम लगा हुआ था, किन्तु दूर दूर तक ट्रैफिक के जवान व पेट्रोलिंग पार्टी नजर नहीं आई। ट्रैफिक सिग्नल बंद होते ही ट्रैफिक पुलिसकर्मी चौक चौराहे से नदारद हो जाते हैं।
पार्किंग की व्यवस्था नहीं
गोलबाजार में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए कई बार प्रयोग किया गया है, लेकिन कोई प्रयोग सफल नहीं हुआ है। अब भी व्यापारी दुकान सामान सड़क पर सजाकर रख रहे है। वहीं खरीददारी करने जाने वाले लोग अपनी बाइक व चार पहिया गाड़ी सड़क में खड़ी कर खरीददारी करते रहते हैं। जिसके चलते ट्रैफिकजाम होता रहता है।
