

बिलासपुर।
शहर में यातायात व्यवस्था को अधिक सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से यातायात पुलिस ने ऑटो चालकों के लिए यूनिफॉर्म पहनना अनिवार्य करने की दिशा में पहल तेज कर दी है। ऑटो चालकों की पहचान सुनिश्चित करने और यात्रियों में विश्वास बढ़ाने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है।
सात दिन की मोहलत, अब दिखने लगा असर
यातायात पुलिस द्वारा ऑटो चालकों को यूनिफॉर्म अपनाने के लिए सात दिनों का समय दिया गया था। इस दौरान कई चालकों ने निर्देशों का पालन करते हुए यूनिफॉर्म सिलवाना शुरू कर दिया है, जबकि कुछ चालकों ने यूनिफॉर्म पहनकर ऑटो संचालन भी प्रारंभ कर दिया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यूनिफॉर्म लागू होने से ऑटो चालकों की स्पष्ट पहचान हो सकेगी, जिससे यात्री सुरक्षा और व्यवस्था दोनों में सुधार आएगा।
चालकों में भी बढ़ी जागरूकता
इस पहल का सकारात्मक असर ऑटो चालकों के बीच भी देखा जा रहा है। यूनिफॉर्म धारण करने वाले चालक अन्य साथियों को भी इसके लिए प्रेरित कर रहे हैं। इससे ऑटो संचालन में एकरूपता और अनुशासन लाने की दिशा में माहौल तैयार हो रहा है।

बीट प्रभारियों को दिए गए निर्देश
यातायात पुलिस ने सभी थाना, चौकी और बीट प्रभारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में ऑटो चालकों को यूनिफॉर्म के प्रति जागरूक करें और इसका पालन सुनिश्चित कराएं। उद्देश्य यह है कि पूरे शहर में ऑटो चालकों के बीच समानता और पहचान का एक मानक स्थापित हो सके।
आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील
यातायात पुलिस ने शहरवासियों से भी इस अभियान में सहयोग करने की अपील की है। नागरिकों से कहा गया है कि वे यूनिफॉर्म पहनकर ऑटो चलाने वाले चालकों को प्राथमिकता दें और बिना यूनिफॉर्म वाले चालकों को हतोत्साहित करें।
पुलिस का मानना है कि जनसहयोग से यह पहल अधिक प्रभावी बन सकती है और शहर में सुरक्षित, सरल और सुव्यवस्थित यातायात व्यवस्था स्थापित की जा सकती है

बिलासपुर में ऑटो चालकों के लिए यूनिफॉर्म अनिवार्यता की यह पहल न केवल पहचान सुनिश्चित करने का प्रयास है, बल्कि यातायात व्यवस्था में अनुशासन और सुरक्षा बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है। अब देखना होगा कि निर्धारित समयसीमा के बाद इस व्यवस्था का कितना व्यापक पालन सुनिश्चित हो पाता है।
