इंदिरा विहार सबस्टेशन में लगी आग, समय रहते पाया काबू, सालों से मेंटनेंस नहीं, सबस्टेशन में लगी आग, घंटों बंद रही बिजली

बिजली विभाग के सब स्टेशनों के मॅटनेंस के लिए हर साल बड़ा बजट खर्च हो रहा है, बड़ा हादसा लेकिन इसके टला, खिच बावजूद जिले में फटने से सबस्टेशन की हालत कालोनी में खराब है। शनिवार गूंजी आवाज की सुबह 11 बजे इंदिरा विहार सबस्टेशन में अचानक जम्पर खराब हो गया, बायपास कर चल रहे बिजली तारों में चिंगारी निकलने लगी, देखते ही देखते एबी स्विच के साथ लगे केबल जलने लगे और सबस्टेशन के आसपास झाड़ियों में आग फैल गई। आपरेटर की

आग बुझाने का इंतजाम तक नहीं

करोड़ों की लागत से बनाए गार सबस्टेशनों की सुरक्षा भगवान भरोसे है। आग से बचाव व जीवन रक्षा के लिए सबस्टेशनों में सुरक्षा के इंतजाम तक नहीं है। सबस्टेशन में रेत से भरी बाल्टी तक मौजूद नहीं है। वहीं फायर गैस सिलेंडर गायब है। पिछले माह ही मोपका में भी भीषण आग लग चुकी है. इसके बावजूद विभाग के अधिकारी सबक नहीं ले रहे हैं।

3 फीडरों को मिलती है बिजली

इंदिरा विहार सबस्टेशन से 3 फीडरों को बिजली सप्लाई की जाती है। इंदिरा विहार, बंधवापारा, नूतन चौक जैसे फीडर को मिलाकर करीब 7 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को बिजली सप्लाई की जाती है। शुक्रवार को लगी आग के कारण सुबह 11 से 4 बजे तक बिजली बंद रही। इस दौरान लोगों को गमर्मी ने बेहाल कर दिया।

सजगता से आग पर काबू पा लिया गया।

इंदिरा विहार के 500 एमवीए के 33/11 केवी सबस्टेशन में सुबह 11 बजे अचानक आग लग गई। आग बिजली के तारों के साथ ही सबस्टेशन में फैली झांड़ियों में भी लगी, हादसे का कारण

है। बायपास कर चल रहे 11 केवी केबल है। आग लगने के कारण एबी स्विच फट गया, जिससे जोरदार धमाका हुआ। इस दौरान कालोनी के लोगों ने भी आवाज सुनी। बिजली विभाग का यह सबस्टेशन पूरी तरह से खस्ताहाल है, यहां सालों से

मेंटनेंस नहीं किया है। सबस्टेशन में अंदर पेड़ और झांड़ियां लग चुकी हैं। चारों ओर बदहाली ही नजर आ रही है, लेकिन सबस्टेशन में झांकने के लिए अधिकारी पहुंचते तक नहीं है। इस सबस्टेशन का जिम्मा एचटी मेंटनेंस के पास है लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण मॅटनेस बंद है। आपरेटर की सगजगता के कारण आग पर काबू पा लिया गया है। अगर आग तेजी से फैलने लगती तो उसे सबस्टेशन को बचा पाना मुश्किल था। वहीं सबस्टेशन के चारों ओर कालोनी की ही रिहायशी मकान भी हैं, जिससे खतरा बड़ा हो सकता था।

ठेके के भरोसे मेंटनेंस

खास बात यह है कि सबस्टेशन में मेंटनेंस का ठेका किया जाता है, लेकिन हर बार ठेकेदार पैसे बचाने के लिए सबस्टेशनों में मजदूर तक नहीं लगाता है, शहर के बीच बनाए गए एक दो सबस्टेशन को छोड़ ज्यादातर सबस्टेशनों में मेंटनेंस के नाम पर खानापूर्ति की जाती है। यही कारण है कि हर बार सबस्टेशन में आग लगने की नौबत आ रही है, बिजली विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है।

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