बिलासपुर कपड़ा दुकान में लगी भीषण आग, सब कुछ जल कर बर्बाद

शशि मिश्रा

बिलासपुर। न्यायधानी के व्यस्ततम व्यापारिक क्षेत्र प्रताप चौक में बीती देर रात एक भीषण अग्निकांड ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। इलाके के प्रतिष्ठित कपड़ा शोरूम ‘साक्षी फैशन’ (गर्ल्स एवं बेंस वियर) में लगी भीषण आग ने कुछ ही घंटों में पूरे प्रतिष्ठान को राख के ढेर में तब्दील कर दिया।

इस घटना ने न केवल लाखो रुपये के माल का नुकसान किया है, बल्कि शहर की आपातकालीन सेवाओं और दमकल विभाग की तत्परता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं?

मध्यरात्रि के सन्नाटे में मचा तांडव

मिली जानकारी के अनुसार, घटना देर रात की है जब शहर सो रहा था। अचानक शोरूम के भीतर से धुआं और आग की लपटें उठने लगीं। देखते ही देखते आग ने इतना विकराल रूप धारण कर लिया कि पूरे शोरूम को अपनी चपेट में ले लिया। कपड़ों का भारी स्टॉक और सिंथेटिक मटेरियल होने के कारण आग तेजी से फैली।

दुकान के संचालक कृष्णा बनर्जी उस समय दिल्ली में कपड़ा खरीदने गए हुए थे। उन्हें रात करीब 3 बजे इस अनहोनी की सूचना मिली, जिसके बाद उन्होंने तुरंत अपने परिजनों और छोटे भाई को मौके पर पहुंचने के लिए कहा। जब तक परिजन पहुंचे, आग की लपटें बेकाबू हो चुकी थीं।

स्थानीय लोगों का साहस और सिस्टम की विफलता

आसपास के लोगों और दुकानदारों ने अपनी सूझबूझ से आग पर काबू पाने की शुरुआती कोशिशें कीं। स्थानीय लोगों के सक्रिय होने के कारण आग बगल की अन्य दुकानों तक नहीं पहुंच पाई, जिससे एक बहुत बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, साक्षी फैशन के भीतर रखा एक भी कपड़ा बचाने में कामयाबी नहीं मिल सकी।

घटना का सबसे निराशाजनक पहलू दमकल विभाग की कथित लापरवाही रही। संचालक कृष्णा बनर्जी ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि आग की सूचना समय रहते दे दी गई थी, लेकिन फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंचने में काफी देरी कर दी। उनका कहना है कि यदि दमकल की गाड़ियां समय पर पहुंच जातीं, तो दुकान का काफी हिस्सा और कीमती स्टॉक बचाया जा सकता था।

कारण और नुकसान का आकलन

​आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। संचालक ने किसी भी तरह की रंजिश या साजिश की संभावना से पूरी तरह इनकार किया है। रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया गया, लेकिन तब तक शोरूम के भीतर केवल जला हुआ ढांचा ही शेष बचा था।

व्यापारियों में आक्रोश

​इस घटना ने शहर के व्यापारिक संगठनों के बीच भारी रोष पैदा कर दिया है। व्यापारियों का सवाल है कि शहर के मुख्य और भीड़भाड़ वाले इलाकों में अगर सुरक्षा और आपातकालीन व्यवस्था इतनी लचर है, तो किसी बड़ी अनहोनी की स्थिति में जवाबदेह कौन होगा? क्या प्रशासन हर बार किसी बड़े आर्थिक या जनहानि के बाद ही जागेगा?
​साक्षी फैशन के संचालक ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि घटना की निष्पक्ष जांच हो और दमकल विभाग की देरी के कारणों को स्पष्ट किया जाए।

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