
यूनुस मेमन

रतनपुर। धार्मिक एवं पर्यटन नगरी रतनपुर के समीप स्थित खूंटाघाट जलाशय का बहुप्रतीक्षित वेस्ट वियर (स्पिलवे) शुरू हो गया है। हर वर्ष की तरह इस बार भी वेस्ट वियर से बहते पानी का मनमोहक दृश्य देखने के लिए पर्यटकों का पहुंचना शुरू हो गया है। बिलासपुर और आसपास के क्षेत्रों के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल खूंटाघाट का सबसे बड़ा आकर्षण यही वेस्ट वियर है, जो बरसात के मौसम में झरने जैसा अद्भुत नजारा प्रस्तुत करता है।

पिछले दिनों हुई रिकॉर्ड बारिश के कारण खूंटाघाट बांध तेजी से भर गया और जलाशय के लबालब होने के बाद अतिरिक्त पानी वेस्ट वियर से बहना शुरू हो गया। यदि अगले दो-तीन दिनों तक अच्छी बारिश का दौर जारी रहा तो वेस्ट वियर पूरी क्षमता के साथ बहने लगेगा, जिससे यहां का प्राकृतिक सौंदर्य और भी आकर्षक हो जाएगा। यही कारण है कि पर्यटकों की आमद भी धीरे-धीरे बढ़ने लगी है।

खूंटाघाट जलाशय अंग्रेजों के शासनकाल में निर्मित एक महत्वपूर्ण बांध है, जिससे रतनपुर और आसपास के विशाल कृषि क्षेत्र में सिंचाई होती है। इसके अलावा वर्तमान में मिशन अमृत योजना के तहत इसी जलाशय के पानी से बिलासपुर शहर को पेयजल की आपूर्ति की जाती है। ऐसे में जलाशय का समय से पहले भर जाना किसानों के साथ-साथ शहरवासियों के लिए भी राहत और खुशी की खबर माना जा रहा है।
इस वर्ष अल नीनो के प्रभाव के कारण सामान्य से कम वर्षा होने की आशंका जताई जा रही थी। हालांकि मौसम ने अप्रत्याशित रूप से करवट ली और शुक्रवार को हुई लगभग 16 इंच बारिश के बाद खूंटाघाट जलाशय तेजी से भरकर करीब 87 प्रतिशत क्षमता तक पहुंच गया। इसके बाद जलस्तर लगातार बढ़ता रहा और अब बांध का वेस्ट वियर भी शुरू हो गया है।

सामान्यतः खूंटाघाट बांध अगस्त या सितंबर माह में पूरी तरह भरता है, लेकिन इस वर्ष जुलाई में ही इसके भर जाने और वेस्ट वियर शुरू होने से जल उपलब्धता को लेकर बनी चिंताएं काफी हद तक दूर हो गई हैं। यह स्थिति न केवल जल संरक्षण और पेयजल आपूर्ति के लिहाज से महत्वपूर्ण है, बल्कि पर्यटन की दृष्टि से भी बेहद उत्साहजनक मानी जा रही है।
हर वर्ष बरसात के दौरान खूंटाघाट का वेस्ट वियर देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचते हैं। पानी की तेज धार झरने जैसी प्रतीत होती है, जो लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती है। आने वाले दिनों में पर्यटकों की संख्या और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन के लिए भी आवश्यक होगा कि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जाएं, ताकि पर्यटक सुरक्षित रूप से इस प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद ले सकें और किसी प्रकार की दुर्घटना की आशंका न रहे।
