
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में किसानों की हर आवश्यकता के प्रति संवेदनशील है भाजपा सरकार : बी.पी. सिंह
रायपुर, 22 जुलाई।
भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के प्रदेश प्रवक्ता बी.पी. सिंह ने मुख्यमंत्री माननीय श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में संपन्न मंत्रिपरिषद की बैठक में किसानों के हित में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों का स्वागत करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने कृषि प्रधान छत्तीसगढ़ के लाखों अन्नदाताओं की आवश्यकताओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उर्वरकों की समयबद्ध, पर्याप्त एवं निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मंत्रिमंडलीय उप समिति के गठन का अत्यंत दूरदर्शी एवं ऐतिहासिक निर्णय लिया है।
प्रदेश प्रवक्ता बी.पी. सिंह ने बताया कि गठित मंत्रिमंडलीय उप समिति के अध्यक्ष नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव जी होंगे। समिति में सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप जी, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम जी तथा वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी जी सदस्य के रूप में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। वहीं कृषि उत्पादन आयुक्त इस समिति के संयोजक होंगे, जो समिति के कार्यों के समन्वय, समीक्षा तथा अनुशंसाओं को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
उन्होंने कहा कि यह उप समिति प्रदेश में उर्वरकों की मांग एवं उपलब्धता, भंडारण, परिवहन, वितरण व्यवस्था तथा संभावित चुनौतियों की नियमित समीक्षा करते हुए किसानों को खेती के प्रत्येक चरण में समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करेगी तथा आवश्यक अनुशंसाएं राज्य सरकार को प्रस्तुत करेगी। इससे कृत्रिम संकट, कालाबाज़ारी एवं वितरण संबंधी समस्याओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।
बी.पी. सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में भाजपा सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप ठोस एवं परिणामोन्मुखी निर्णय लेकर सुशासन की मिसाल प्रस्तुत कर रही है। कृषि क्षेत्र को मजबूत करना, किसानों की उत्पादन लागत कम करना तथा समय पर आवश्यक कृषि आदानों की उपलब्धता सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने कहा कि खरीफ एवं रबी दोनों फसली मौसम में उर्वरकों की निर्बाध उपलब्धता कृषि उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। कैबिनेट का यह निर्णय प्रदेश के लाखों किसानों के हितों की रक्षा करने वाला, कृषि व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने वाला तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान करने वाला साबित होगा।
