

बिलासपुर। बृहस्पति बाजार के व्यापारियों को छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाई कोर्ट की सिंगल बेंच ने स्पष्ट किया है कि व्यापारियों को अगले तीन महीने तक उनके वर्तमान स्थान से नहीं हटाया जाएगा। साथ ही नगर निगम को निर्देश दिया गया है कि व्यापारियों के विस्थापन से पहले सभी मूलभूत सुविधाओं से युक्त वैकल्पिक अस्थायी बाजार तैयार किया जाए।
मामले की सुनवाई जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद की एकलपीठ में हुई। सुनवाई के दौरान शासन की ओर से उप महाधिवक्ता आनंद ददारिया तथा नगर निगम की ओर से अधिवक्ता अनादि शर्मा ने अदालत को बताया कि निगम तीन महीने के भीतर व्यापारियों के लिए अस्थायी बाजार का निर्माण पूरा कर देगा। इस आश्वासन के बाद कोर्ट ने फिलहाल व्यापारियों को बेदखल नहीं करने के निर्देश दिए।

हाई कोर्ट ने नगर निगम से कहा कि वैकल्पिक बाजार केवल औपचारिक रूप से तैयार न किया जाए, बल्कि उसे सार्वजनिक बाजारों के निर्धारित मानकों के अनुरूप विकसित किया जाए। अदालत ने निर्देश दिए कि नया बाजार ऐसी जगह बनाया जाए, जहां आम लोगों और ग्राहकों की पहुंच आसान हो। साथ ही वहां पीने का पानी, बिजली, स्वच्छता, ड्रेनेज, वाहनों की पार्किंग और अन्य सभी आवश्यक नागरिक सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाएं, ताकि व्यापारियों के कारोबार पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
यह याचिका बृहस्पति बाजार के व्यापारी जयप्रकाश सराफ सहित अन्य व्यापारियों ने अधिवक्ता दीपाली पांडे और ईशान वर्मा के माध्यम से दायर की थी। हाई कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 26 अक्टूबर से शुरू होने वाले सप्ताह में निर्धारित की है।
एक साल में बनेगा आधुनिक इंटीग्रेटेड मार्केट
नगर निगम के अनुसार बृहस्पति बाजार को आधुनिक इंटीग्रेटेड मार्केट के रूप में विकसित किया जाएगा। इस परियोजना को पूरा होने में लगभग एक वर्ष का समय लगेगा। निर्माण अवधि के दौरान व्यापारियों को मुन्नू लाल शुक्ल स्कूल परिसर में बनाए जाने वाले अस्थायी बाजार में स्थानांतरित किया जाएगा।
निगम के मुताबिक डीएमएफ मद से 3.39 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस अस्थायी बाजार में शेड, बिजली, पेयजल, शौचालय और पार्किंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। वहीं ग्राउंड फ्लोर पर 242 चबूतरे बनाए जाएंगे, जिनका आवंटन सब्जी विक्रेताओं को किया जाएगा।
