

बिलासपुर, 12 जुलाई। नए शैक्षणिक सत्र में विद्यार्थियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यातायात पुलिस बिलासपुर ने परिवहन, स्वास्थ्य और जिला पुलिस के संयुक्त सहयोग से रविवार को पुलिस परेड ग्राउंड में स्कूल बसों का विशेष जांच एवं स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित किया। शिविर में जिले के विभिन्न शिक्षण संस्थानों की 200 से अधिक स्कूल बसों की मैकेनिकल जांच, दस्तावेजों का सत्यापन तथा चालक-परिचालकों का स्वास्थ्य एवं नेत्र परीक्षण किया गया।
पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) रामगोपाल करियारे के नेतृत्व में आयोजित इस अभियान का उद्देश्य स्कूल बसों में निर्धारित सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करना था।
जांच के दौरान बसों के फिटनेस प्रमाण पत्र, टैक्स, बीमा, परमिट, स्पीड गवर्नर, जीपीएस, प्रदूषण प्रमाण पत्र सहित अन्य आवश्यक दस्तावेजों की बारीकी से जांच की गई। साथ ही बसों की तकनीकी स्थिति का परीक्षण कर यह सुनिश्चित किया गया कि वे विद्यार्थियों के सुरक्षित परिवहन के लिए पूरी तरह उपयुक्त हैं।
यातायात पुलिस ने सभी स्कूल प्रबंधकों और प्राचार्यों को निर्देश दिए कि प्रत्येक स्कूल बस में शासन द्वारा निर्धारित सुरक्षा मानकों का अनिवार्य रूप से पालन किया जाए। जिन बसों में आवश्यक दस्तावेज या सुरक्षा संबंधी मानकों की कमी पाई जाएगी, उनके संचालकों को समय रहते कमियां दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। चेतावनी दी गई कि निर्धारित समय सीमा में नियमों का पालन नहीं करने पर संबंधित स्कूल बसों का परमिट निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
शिविर के दौरान बस चालकों और परिचालकों का स्वास्थ्य एवं नेत्र परीक्षण भी किया गया। उन्हें सुरक्षित वाहन संचालन, नियमित वाहन रखरखाव तथा सड़क सुरक्षा नियमों का गंभीरता से पालन करने की सलाह दी गई, ताकि तकनीकी खराबी या लापरवाही के कारण किसी प्रकार की दुर्घटना या अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
इस अवसर पर क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी असीम माथुर, स्वास्थ्य विभाग से डॉ. सुधांशु शर्मा, नेत्र सहायक अधिकारी नवीन तंबोली एवं भागीरथ बंजारे, जिला अस्पताल के चिकित्सकों के साथ यातायात पुलिस के अधिकारी और बड़ी संख्या में स्कूलों के बस प्रभारी, चालक एवं परिचालक उपस्थित रहे।
