

बिलासपुर। राज्यसभा सांसद द्वारा नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार पर लगाए गए आरोपों का जवाब देते हुए बेलतरा विधायक ने कांग्रेस पर तीखा पलटवार किया है।
विधायक सुशांत शुक्ला ने कहा कि नीट परीक्षा प्रक्रिया में कुछ विसंगतियाँ सामने आई हैं, लेकिन यह प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार है, जो किसी भी अभ्यर्थी के साथ अन्याय नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि विषय अत्यंत गंभीर है और इसकी गंभीरता को देखते हुए स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे संज्ञान में लिया है। केंद्र सरकार इस पूरे मामले में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई कर रही है।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए विधायक शुक्ला ने कहा कि वर्ग विभेद और वर्ग संघर्ष की राजनीति करने वाली कांग्रेस ने वर्षों तक “गरीबी हटाओ” का नारा दिया, लेकिन वास्तविकता में गरीबी दूर नहीं कर सकी। उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस नेतृत्वविहीन और दिशाहीन होकर अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है।
उन्होंने कहा कि पिछले बारह वर्षों में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने गरीबों के जीवन में व्यापक परिवर्तन लाने का कार्य किया है। गरीबों को पक्के आवास, निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधाएँ, महिलाओं को उज्ज्वला योजना के माध्यम से राहत तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिला है। उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना ने प्रदेश की महिलाओं के सशक्तिकरण को नई दिशा दी है।
इमरान प्रतापगढ़ी के बिलासपुर दौरे पर टिप्पणी करते हुए विधायक शुक्ला ने कहा कि जो लोग सरकार के कार्यों का मूल्यांकन करने की बात कर रहे हैं, उन्हें पहले अपने राजनीतिक आचरण पर आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रतापगढ़ी पहले माफिया अतीक अहमद का महिमामंडन करते रहे हैं।
विधायक शुक्ला ने आगे कहा कि कांग्रेस को छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद और हिंसा जैसे मुद्दों पर भी अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।
श्री सुशांत शुक्ला ने कहा की प्रतापगढ़ी बताये हिडमा कौन था जिसने छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की एक पीढ़ी को खत्म कर दिया आज एक विधायक हिडमा को अपना आदर्श मानता है
उन्होंने कहा कि देश की जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विश्वास व्यक्त कर रही है और कांग्रेस नेतृत्व को दूसरों पर आरोप लगाने से पहले आत्मचिंतन करना चाहिए।
