

बिलासपुर (छत्तीसगढ़):
महिला एवं बच्चों से संबंधित अपराधों पर बिलासपुर पुलिस की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत सीपत थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने एक नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर अपहरण करने और उसका शारीरिक शोषण करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, १ जुलाई २०२६ को पीड़ित पक्ष (प्रार्थी) ने सीपत थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी नाबालिग बेटी को कोई अज्ञात व्यक्ति बहला-फुसलाकर भगा ले गया है। प्रार्थी की रिपोर्ट पर पुलिस ने तत्काल अपराध पंजीबद्ध कर मामले को विवेचना में लिया था।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस की त्वरित कार्रवाई
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बिलासपुर पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) रजनेश सिंह के सख्त निर्देशों के बाद सीपत थाना प्रभारी ने एक विशेष टीम का गठन किया।
तलाश के दौरान पुलिस को मुखबिर से सटीक सूचना मिली कि अपहृत बालिका और संदेही आरोपी जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम लीमभाठा में मौजूद हैं। सूचना मिलते ही सीपत पुलिस टीम ने तत्काल ग्राम लीमभाठा (थाना बलौदा) में दबिश दी और नाबालिग बालिका को आरोपी के कब्जे से सुरक्षित बरामद कर लिया।
कड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज
जांच और पूछताछ में यह बात सामने आई कि आरोपी नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था और वहां उसका शारीरिक शोषण कर रहा था। इस आधार पर पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 87, 65(1) और पॉक्सो (POCSO) एक्ट की धारा 4(2) व 6 को जोड़ा है।
गिरफ्तार आरोपी का विवरण
- नाम: उमेश अनंत (उम्र 19 वर्ष)
- पिता का नाम: राम कुमार अनंत
- निवासी: ग्राम लीमभाठा, थाना बलौदा, जिला जांजगीर-चांपा (छ.ग.)
पुलिस ने आरोपी उमेश अनंत को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
