

उच्च गुणवत्ता का कोयला निकालकर निम्न गुणवत्ता का कोयला भरने के मामले में कार्रवाई, अब तक छह आरोपी गिरफ्तार
बिलासपुर। हिर्री थाना पुलिस ने कोयला हेराफेरी के मामले में करीब एक माह से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। आरोपी पर ट्रेलरों में लदे उच्च गुणवत्ता वाले कोयले की हेराफेरी कर उसकी जगह निम्न गुणवत्ता का कोयला भरकर उद्योग को आर्थिक नुकसान पहुंचाने का आरोप है।
पुलिस के अनुसार, प्रार्थी आशीष केशरी (46) निवासी पेण्डा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले ने शिकायत दर्ज कराई थी कि वह कोयला परिवहन एवं लिफ्टिंग का कार्य करता है। एसईसीएल के अमेरा विश्रामपुर क्षेत्र की खदान से ट्रेलरों में जी-6 (5500-5800 जीसीवी) श्रेणी का उच्च गुणवत्ता वाला कोयला लोड कर सिलतरा स्थित गोपाल स्पंज एंड पावर प्राइवेट लिमिटेड भेजा गया था।
आरोप है कि रास्ते में पेण्डीडीह के पास आरोपी गंगा साहू और रिजवान खान ने ट्रेलरों को अग्रवाल के कोल डिपो ले जाकर प्रत्येक ट्रेलर से करीब पांच-पांच टन उच्च गुणवत्ता का कोयला उतरवा लिया। इसके बाद ट्रेलरों में 4700 जीसीवी क्षमता वाला निम्न गुणवत्ता का कोयला भरकर उद्योग में सप्लाई कर दिया गया।
शिकायत के आधार पर हिर्री थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(3), 317(4) एवं 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) मधुलिका सिंह तथा नगर पुलिस अधीक्षक (चकरभाठा) नूपुर उपाध्याय के निर्देशन में थाना प्रभारी निरीक्षक दामोदर मिश्रा के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने पहले ही नरेश कुमार अग्रवाल, वाहन स्वामी गंगा प्रसाद साहू तथा ट्रेलर चालक फिरोज अंसारी, निसार अंसारी और इमरान अंसारी को गिरफ्तार कर 25 मई 2026 को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया था।
घटना के बाद से फरार चल रहे आरोपी रिजवान खान (25) निवासी खंडोबा मंदिर के पीछे, रतनपुर की लगातार तलाश की जा रही थी। पुलिस ने उसे 30 जून को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार, मामले में कोयला हेराफेरी के पूरे नेटवर्क और अन्य संभावित संलिप्त लोगों की भूमिका की भी जांच जारी है।
