
शशि मिश्रा
तीन किश्तों में मिलने वाली खाद अब किसानों को एकमुश्त दी जाएगी। इतना ही नहीं, बल्कि सरकार ने खाद लेने के पहले टोकन कटवाने संबंधी बाध्यता को भी समाप्त कर दिया है। अब किसान अपनी जरूरतों के हिसाब से बगैर टोकन सहकारी समितियों से एक ही बार में पूरी खाद का उठाव कर सकेंगे।
मानसून की लेटलतीफी को लेकर किसानों में मायूसी जरूर देखी जा रही है, लेकिन उसी मायूसी के बीच सरकार ने किसानों के लिए राहत देने वाला निर्णय लिया है। सरकार ने सहकारी समितियों से खाद के उठाव के लिए टोकन कटवाने संबंधी बाध्यता को अब समाप्त कर दिया है। किसान सीधे सहकारी समिति पहुंचकर अपने कोटे की खाद एकमुश्त उठा सकेंगे। सरकार ने तीन किश्तों में खाद जारी करने वाले निर्णय को भी शिथिल करते हुए एकमुश्त खाद जारी करने संबंधी निर्देश दिए हैं। खाद का मनमाना उपयोग होने एवं कई किसानों द्वारा न केवल अपव्यय करने, बल्कि बाद में अधिक मूल्य में बेचने जैसी शिकायत पर रोक लगाने के उद्देश्य से तीन किश्तों में खाद जारी करने का निर्णय लिया था, लेकिन उस निर्णय को अब वापस ले लिया गया है। किसान अपनी जरूरत के हिसाब से अपने कोटे की पूरी खाद एक बार में ही उठा सकेंगे।
खाद की मांगी गई मात्रा उपलब्धता पर निर्भर
सरकार ने किसानों को एकमुश्त खाद देने का निर्णय तो लिया है, लेकिन यह सहकारी समितियों में वर्तमान स्थिति में उपलब्ध खाद की किस्म व मात्रा पर निर्भर है। किसानों के द्वारा मांगी गई खाद अगर समिति में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है, तो मांगी गई पूरी मात्रा आसानी से उपलब्ध कराई जा सकेगी। जबकि भंडारण कम होने की स्थिति में सारे किसानों को ध्यान में रखते हुए खाद जारी की जाएगी, ताकि कोई किसान वंचित न रह सके।
पिछले साल का देखा जाएगा आंकड़ा
किसानों को उनके रकबे के हिसाब से ही खाद जारी की जाएगी। सरकार ने एकमुश्त खाद उठाव की सुविधा तो जारी कर दी है, लेकिन किसान अपनी मर्जी से चाहे जितनी मात्रा में खाद नहीं उठा सकेंगे। सहिकारी समितियों में संबंधित किसान द्वारा बीते वर्ष उठाई गई खाद की मात्रा व उसके रकबे का भी आंकलन किया जाएगा, ताकि वितरण व्यवस्था संतुलित रहे।
