
शशि मिश्रा

बिलासपुर। झमाझम बारिश ने एक बार फिर शहर की बिजली व्यवस्था और मेंटनेंस की पोल खोल कर रख दी। हल्की आंधी के बाद जहां 33 केवी लाइन ब्रेकडाउन हो गया, वहीं कई इलाकों की बिजली रात 12 बजे के बाद तक बहाल नहीं की जा सकी। शाम से आधे शहर में अंधेरा छा गया। फ्यूज कॉल सेंटर की लाइनें 2 घंटे तक बिजी मोड़ पर रही और अधिकारियों ने फोन तक नहीं उठाया।
आसमानी बिजली का कहर शहर की विद्युत व्यवस्था पर गाज बनकर गिरी और शहर की बिजली सप्लाई ठप हो गई। शाम 5 बजे के बाद आधे शहर में अंधेरा छा गया और रात भर बिजली की आंखमिचौली ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया।

बिजली चमकने के बाद तिफरा और मोपका सबस्टेशन से निकलने वाली 33 केवी लाइन में ब्रेक डाउन हो गया। तेज बारिश के थमने के बाद लाइनों को चालू कराया गया लेकिन बिजली फाल्ट और डंगाल गिरने की वजह से कई जगहों पर बिजली बंद रही है। बिरकोना से चांटीडीह के बीच 11 केवी में 9 इन्सुलेटर बर्स्ट हो गए, जिसके चलते अरपा पार की बिजली रात 12 बजे तक बहाल नहीं हो सकी। शनिचरी सबस्टेशन के सीटी बर्स्ट होने के कारण करीब 4 घंटे बिजली सप्लाई ठप रही है। इसके साथ ही कुदुदंड, मंगला, नेहरू नगर के आसपास के क्षेत्रों कई जगहों पर फाल्ट मिलने के कारण सप्लाई शुरू नहीं की जा सकी। सकरी क्षेत्र में आधी रात के बाद तक बिजली नहीं आने से अंधेरा रहा।

वीवीआईपी जोन में लगा रहा अमला
लिंक रोड स्थित कलेक्टर बंगले के करीब तेज हवाओं की चपेट में आने के बाद ही एक विशाल पेड़ गिर गया, एलटी और 11 केवी लाइन भी टूट कर गिर गई, हालांकि वीवीआईपी इलाका होने के कारण बिजली अधिकारी और कर्मचारी पानी गिरने में भी काम करते रहे। पेड़ गिरने के कारण एक कार भी क्षतिग्रस्त हो गई और रात 10.30 बजे तक तारों को सुलझाने में ही बिजली विभाग का अमला लगा रहा
वीवीआईपी जोन में लगा रहा अमला
लिंक रोड स्थित कलेक्टर बंगले के करीब तेज हवाओं की चपेट में आने के बाद ही एक विशाल पेड़ गिर गया, एलटी और 11 केवी लाइन भी टूट कर गिर गई, हालांकि वीवीआईपी इलाका होने के कारण बिजली अधिकारी और कर्मचारी पानी गिरने में भी काम करते रहे। पेड़ गिरने के कारण एक कार भी क्षतिग्रस्त हो गई और रात 10.30 बजे तक तारों को सुलझाने में ही बिजली विभाग का अमला लगा रहा।
वीवीआईपी जोन में लगा रहा अमला
लिंक रोड स्थित कलेक्टर बंगले के करीब तेज हवाओं की चपेट में आने के बाद ही एक विशाल पेड़ गिर गया, एलटी और 11 केवी लाइन भी टूट कर गिर गई, हालांकि वीवीआईपी इलाका होने के कारण बिजली अधिकारी और कर्मचारी पानी गिरने में भी काम करते रहे। पेड़ गिरने के कारण एक कार भी क्षतिग्रस्त हो गई और रात 10.30 बजे तक तारों को सुलझाने में ही बिजली विभाग का अमला लगा रहा।
गरज से थर्राया आसमान
शाम को आसमान पर घने बादल मंडराने के बाद तेज गर्जना होने लगी और गड़गड़ाहट से आसमान थर्रा उठा। इस दौरान कई जगहों पर बिजली गिरने की सूचना है हालांकि किसी जान माल का नुकसान नहीं हुआ है। इस दौरान बारिश की रफ्तार तेज थी।
द्रोणिका का असर
पंजाब से हरियाणा और उत्तर प्रदेश से बिहार के बीच द्रोणिका बनी हुई है। वहीं चक्रवाती परिसंचरण तेलंगाना और इसके आसपास के इलाकों में बनी हुई है। जिसके चलते बारिश होने की आशंका बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 4 दिन बारिश होने की प्रबल संभावना है। वहीं 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चल सकती है। इस दौरान कुछ इलाकों में बिजली गिरने की आशंका बनी हुई है।
