

बिलासपुर। राजधानी रायपुर के बाद अब न्यायधानी बिलासपुर में भी जल्द पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम लागू हो सकता है। प्रदेश के गृह मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने रविवार को बिलासपुर में आयोजित सराफा एसोसिएशन के कार्यक्रम में इसके संकेत दिए। उन्होंने कहा कि रायपुर में कमिश्नरेट व्यवस्था के अच्छे परिणाम मिले हैं और आने वाले समय में बिलासपुर में भी इसे लागू किया जाएगा। इसके बाद पुलिस मुख्यालय और गृह विभाग ने इस दिशा में प्रारंभिक ब्लूप्रिंट तैयार करना शुरू कर दिया है।
कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद शहर की कानून-व्यवस्था की कमान पुलिस कमिश्नर के हाथों में होगी। लाठीचार्ज, धारा 163 लागू करने, आदतन अपराधियों को जिलाबदर करने सहित कई प्रशासनिक निर्णय लेने के लिए पुलिस को कलेक्टर या एसडीएम की अनुमति का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
नई व्यवस्था के तहत बिलासपुर की शहरी और ग्रामीण पुलिसिंग अलग-अलग होगी। शहर के प्रमुख थाने पुलिस कमिश्नर के अधीन रहेंगे, जबकि कोटा, तखतपुर, बिल्हा, सीपत और मस्तूरी जैसे ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अलग एसपी (रूरल) की नियुक्ति की जाएगी। शहर को दो से तीन जोन में विभाजित कर प्रत्येक जोन में डीसीपी स्तर के अधिकारियों की तैनाती की जाएगी। वहीं यातायात व्यवस्था के लिए अलग डीसीपी ट्रैफिक नियुक्त किया जाएगा।
गृह विभाग का मानना है कि हाईकोर्ट, रेलवे जोन, विश्वविद्यालय और बड़े शैक्षणिक केंद्र होने के कारण बिलासपुर में लगातार बढ़ती आबादी, अपराध, नशे के कारोबार और ट्रैफिक दबाव को देखते हुए कमिश्नरेट प्रणाली की आवश्यकता महसूस की जा रही है। इस व्यवस्था के तहत एंटी-नारकोटिक्स विंग का गठन, लाइसेंस संबंधी सिंगल विंडो व्यवस्था तथा अपराध नियंत्रण की प्रक्रिया भी अधिक प्रभावी होने की उम्मीद है।
