

बिलासपुर। सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को त्वरित और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से गुरुवार को बिलासपुर में प्रधानमंत्री सड़क दुर्घटना पीड़ित अस्पताल में भर्ती और सुनिश्चित उपचार (PM-RAHAT) योजना पर संभाग स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कलेक्ट्रेट के मंथन सभा कक्ष में आयोजित इस कार्यक्रम में पुलिस, प्रशासन, परिवहन, स्वास्थ्य, एनआईसी सहित सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया।
पुलिस मुख्यालय के निर्देश तथा पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में पीएम-राहत योजना के क्रियान्वयन, तकनीकी प्रक्रियाओं तथा ऑनलाइन पोर्टलों के संचालन संबंधी विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम में डीआईजी यातायात एम.आर. आहिरे सहित विभिन्न विभागों के विशेषज्ञ अधिकारियों ने योजना की कार्यप्रणाली और इसके लाभों पर प्रकाश डाला।
अधिकारियों ने बताया कि योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल प्रत्येक व्यक्ति को दुर्घटना की तिथि से सात दिनों तक अधिकतम 1.50 लाख रुपये तक की कैशलेस उपचार सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। यह सुविधा सभी मोटर वाहन दुर्घटना पीड़ितों के लिए लागू होगी, चाहे वे छत्तीसगढ़ के निवासी हों या अन्य किसी राज्य के।
प्रशिक्षण के दौरान टीएमएस (TMS) 2.0, iRAD और eDAR पोर्टलों पर दुर्घटना एवं पीड़ित संबंधी जानकारी दर्ज करने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि अस्पताल में भर्ती होने के बाद पीड़ित का पंजीकरण टीएमएस पोर्टल पर किया जाता है, जिसका सत्यापन निर्धारित समय सीमा में पुलिस विभाग द्वारा किया जाता है।
बिलासपुर जिले में योजना का क्रियान्वयन शुरू हो चुका है। थाना रतनपुर और थाना सिविल लाइन क्षेत्र में सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों का पंजीकरण कर उन्हें कैशलेस उपचार का लाभ भी दिलाया जा चुका है। जिले में आयुष्मान योजना से जुड़े अस्पतालों सहित कुल 172 अस्पताल इस योजना के अंतर्गत उपचार सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं।
योजना के तहत दुर्घटना के बाद ‘गोल्डन ऑवर’ यानी पहले एक घंटे के भीतर घायल को अस्पताल पहुंचाना बेहद महत्वपूर्ण माना गया है। गंभीर रूप से घायल मरीजों के लिए 48 घंटे तक स्थिरीकरण उपचार की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।
इस अवसर पर एडीएम शिव बनर्जी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामगोपाल करियारे, एएसपी पंकज पटेल, आरटीओ असीम माथुर, संभाग के विभिन्न जिलों से आए चिकित्सक, थाना प्रभारी, विवेचक और सड़क सुरक्षा से जुड़े अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
बिलासपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि सड़क दुर्घटना होने पर घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाएं, ताकि उन्हें पीएम-राहत योजना का लाभ मिल सके और समय पर उपचार से उनकी जान बचाई जा सके।
