
बिलासपुर। जिले के सकरी थाना क्षेत्र में नकली सोने की माला को असली बताकर एक व्यापारी से 3 लाख 5 हजार रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। शातिर ठगों ने पहले असली सोने का छोटा टुकड़ा देकर व्यापारी का भरोसा जीता और फिर नकली माला बेचकर फरार हो गए। शिकायत के बाद सकरी पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, बंधवापारा निवासी अनिल विश्वकर्मा अपने घर में जनरल स्टोर संचालित करते हैं। करीब एक सप्ताह पहले दो अज्ञात युवक उनके घर पहुंचे और चांदी का एक सिक्का दिखाकर उसके बारे में जानकारी लेने लगे। बातचीत के दौरान उनकी नजर घर में रखे एक माला के चित्र पर पड़ी, जिस पर उन्होंने बताया कि उनके पास भी ऐसी ही एक सोने की माला है, जिसे वे बेचना चाहते हैं।
दो दिन बाद दोनों युवक फिर अनिल के घर पहुंचे और थैले में रखी माला दिखाई। भरोसा दिलाने के लिए उन्होंने माला का एक छोटा टुकड़ा निकालकर जांच कराने को दिया। अनिल ने वह टुकड़ा सकरी के पुराने बाजार स्थित एक सोनार से जांच कराया, जहां उसे असली सोना बताया गया। इसके बाद दोनों युवक लगातार फोन पर संपर्क में रहे।
16 जून को आरोपियों ने अनिल को पुराने बस स्टैंड बुलाकर माला बेचने की बात की। करीब 10 लाख रुपये में सौदा तय हुआ, लेकिन अनिल ने इतनी रकम एकमुश्त देने में असमर्थता जताई। इस पर आरोपियों ने उन्हें जितनी राशि की व्यवस्था हो सके, उतनी लेकर आने को कहा।
माला खरीदने के लालच में अनिल ने अपनी पत्नी के गहने गिरवी रखकर गोल्ड लोन के जरिए 3 लाख 5 हजार रुपये की व्यवस्था की। 23 जून की सुबह दोनों आरोपी उनके घर पहुंचे, रकम लेकर माला सौंप दी और वहां से चले गए।
माला मिलने के बाद अनिल उसे लेकर पुराने बाजार स्थित उसी सोनार के पास पहुंचे, जहां जांच में पूरी माला नकली निकली। इसके बाद उन्होंने आरोपियों के मोबाइल नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन दोनों के फोन बंद मिले। ठगी का एहसास होने पर अनिल विश्वकर्मा ने सकरी थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने पहले असली सोने का छोटा टुकड़ा देकर विश्वास हासिल किया और उसी के आधार पर नकली माला बेचकर लाखों रुपये की ठगी को अंजाम दिया।
