
बिलासपुर। बरतोरी और कड़ार सब स्टेशन को बिजली आपूर्ति करने वाले 33 केवी बरतोरी फीडर में आए फॉल्ट के कारण 60 से अधिक गांवों में करीब 12 घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रही। लंबे समय तक बिजली नहीं रहने से ग्रामीणों को पेयजल संकट का भी सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने बिजली विभाग के अधिकारियों पर समन्वय की कमी का आरोप लगाते हुए समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है।
जानकारी के अनुसार 19 जून को सुबह करीब 6 बजे 33 केवी बरतोरी फीडर बंद हो गया था, जिसके कारण कड़ार सब स्टेशन से जुड़े 50 से अधिक गांवों सहित आसपास के क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हो गई। शाम करीब 5 बजे के बाद सप्लाई बहाल हो सकी। इस दौरान लोगों को पानी के लिए भी परेशान होना पड़ा।
ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग के दो जूनियर इंजीनियरों के बीच लाइन के रखरखाव और जिम्मेदारी को लेकर स्पष्टता नहीं होने का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि सिलपहरी से बरतोरी तक लगभग आठ किलोमीटर लंबी 33 केवी लाइन से बरतोरी और कड़ार दोनों सब स्टेशन जुड़े हैं। ग्रामीणों का दावा है कि रखरखाव को लेकर अधिकारियों के बीच समन्वय की कमी के कारण आए दिन फीडर बंद होने की समस्या बनी रहती है।
वैकल्पिक फीडर से दी जा रही सप्लाई
सूत्रों के अनुसार बरतोरी सब स्टेशन की मूल बिजली आपूर्ति सिलपहरी फीडर से होती है, लेकिन वर्तमान में इसे उमरिया फीडर से चार्ज किया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि अस्थायी व्यवस्था लंबे समय से जारी है, जिससे अन्य क्षेत्रों की बिजली व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।
एबी स्वीच नहीं होने से बढ़ती है परेशानी
सिलपहरी से बरतोरी तक करीब आठ किलोमीटर लंबे 33 केवी फीडर पर एक भी एबी स्वीच नहीं होने से किसी भी स्थान पर फॉल्ट आने पर पूरे फीडर की सप्लाई बंद करनी पड़ती है। इसके कारण एक साथ 60 से 70 गांवों की बिजली प्रभावित हो जाती है और सुधार कार्य पूरा होने तक लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता है।
अधिकारियों ने समन्वय से काम करने का दावा किया
बरतोरी सब स्टेशन के जेई रोशन श्रीवास ने बताया कि 19 जून को 33 केवी लाइन में खराबी आने के बाद जांच में फॉल्ट कड़ार क्षेत्र में मिला था, जिसकी सूचना चकरभाठा सब स्टेशन को दी गई थी। उन्होंने कहा कि क्षेत्राधिकार को लेकर कोई विवाद नहीं है और दोनों सब स्टेशनों के बीच समन्वय से कार्य किया जाता है।
वहीं चकरभाठा सब स्टेशन के जेई अनुराग सोनी ने बताया कि सूचना मिलने के बाद टीम भेजी गई थी। जांच के दौरान बसिया चौक के पास इंसुलेटर खराब मिला, जिसे बदला गया। साथ ही दो स्थानों पर लाइन से टकरा रहे पेड़ों की कटाई के बाद बिजली आपूर्ति बहाल की गई। उन्होंने भी क्षेत्राधिकार विवाद से इनकार करते हुए संयुक्त रूप से काम किए जाने की बात कही।
