
कुछ घंटों में विवाद से मौत तक: नौगई कांड की परतें खोल रही पुलिस,,
आग, मौत और रहस्य: नौगई हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में जुटी जांच एजेंसियां
रेत कारोबार की रंजिश या सुनियोजित साजिश?
*नौगई कांड पर उठे बड़े सवाल,,
नौगई कांड: राख में बदला शव, प्रदेश को झकझोर गई खूनी वारदात,,,
दिन में विवाद, रात में मौत का तांडव: नौगई की घटना से दहला छत्तीसगढ़
कोरिया/एमसीबी
राजधानी रिपोर्टर/ सौरभ साहू कि विशेष रिपोर्ट,,
दिनांक 18/06/2026,

कोरिया/ बैकुंठपुर, दिनांक 17 जून 2026 के रात्रि कोरिया जिले के कटगोड़ी क्षेत्र के नौगई में हुई भीषण हिंसक घटना ने पूरे छत्तीसगढ़ को झकझोर कर रख दिया है। जहां पूरा मामला अवैध रूप से संचालित रेत कारोबार से जुड़े विवाद के बीच हुई इस वारदात में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल होकर अस्पताल में उपचाराधीन हैं। घटना को लेकर पुलिस, फोरेंसिक टीम और प्रशासनिक अमला लगातार जांच में जुटा हुआ है।
वहीं सूत्रों के अनुसार घटना से कुछ घंटे पहले संबंधित पक्षों के बीच विवाद और एफआईआर दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि दिन में हुए विवाद और रात में हुई हिंसक वारदात के बीच कोई सीधा संबंध था या नहीं। पुलिस की जांच में अस्पताल में भर्ती घायलों के बयान बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल पर मौजूद लोगों के बयान, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), फोरेंसिक रिपोर्ट और अन्य तकनीकी साक्ष्य पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने लाने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि घटना अचानक हुई हिंसा थी या फिर किसी पूर्व नियोजित साजिश का परिणाम।

शव की स्थिति ने दहलाया इलाका
करीब 58 वर्षीय भरत सिंह उर्फ (लल्ला) की मौत के बाद सामने आए दृश्य बेहद हृदयविदारक बताए जा रहे हैं। आग इतनी भीषण थी कि उनका शव लगभग राख में तब्दील हो गया। घटना की भयावहता ने पूरे क्षेत्र में आक्रोश और शोक का माहौल पैदा कर दिया है। स्थानीय लोग इसे जिले की सबसे दर्दनाक और वीभत्स घटनाओं में से एक बता रहे हैं।
भारी वाहनों से रास्ता रोकने की चर्चा
घटना को लेकर क्षेत्र में विभिन्न प्रकार की चर्चाएं चल रही हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार घटना वाली रात भरत सिंह उर्फ (लल्ला सिंह) अपने साथियों के साथ लौट रहे थे,। तभी रास्ते को जेसीबी, हाईवा और टिपर जैसे भारी वाहनों से अवरुद्ध किए जाने की बात सामने आ रही है। जनचर्चा के अनुसार इसके बाद विवाद बढ़ा और हिंसक घटनाक्रम घटित हुआ। हालांकि कुछ लोगों का दावा है कि वाहन को टक्कर मारकर आग लगाई गई, जबकि अन्य लोगों के अनुसार घटनाक्रम अलग था। इन सभी दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है और पुलिस जांच एवं न्यायालयीन प्रक्रिया के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।।

मुख्यमंत्री का सख्त रुख
मामला प्रदेश स्तर तक पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने घटना पर कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।।
लेकिन कई सवालों के जवाब अभी बाकी,,,
क्या नौगई की उस रात की आग भले ही बुझ चुकी हो, लेकिन कई सवाल अब भी जांच के केंद्र में हैं।।
क्या दिन में दर्ज हुई एफआईआर और रात का हत्याकांड आपस में जुड़े हुए हैं?
क्या वाहन में लगी आग अचानक हुई घटना थी या किसी पूर्व तैयारी का हिस्सा?
क्या रेत कारोबार की प्रतिस्पर्धा इस खूनी संघर्ष की वजह बनी?
और सबसे महत्वपूर्ण , क्या अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे घायल इस पूरे रहस्य से पर्दा उठा पाएंगे?
इन सारे सवालों के जवाब आने वाले दिनों में पुलिस जांच, फोरेंसिक रिपोर्ट और न्यायालयीन प्रक्रिया के माध्यम से सामने आएंगे। फिलहाल नौगई की यह दर्दनाक घटना पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बनी हुई है और लोग दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।।
