
शशि मिश्रा

जांजगीर-चांपा।
बलौदा पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने और उसके साथ अनाचार (दुष्कर्म) करने वाले आरोपी को कोरबा से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पाक्सो (POCSO) एक्ट की विभिन्न संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
क्या था पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रार्थी ने थाना बलौदा में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी नाबालिग बेटी बीते 5 मार्च 2026 को बिना बताए कहीं चली गई है। किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा उसे बहला-फुसलाकर भगा ले जाने की आशंका पर बलौदा पुलिस ने तत्काल अपराध क्रमांक 107/2026 के तहत धारा 137(2) BNS का मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की थी।
सायबर सेल की मदद से पकड़ा गया आरोपी
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना बलौदा पुलिस लगातार आरोपी और अपहृता की तलाश में जुटी हुई थी। इस दौरान पुलिस को सायबर तकनीकी (मोबाइल लोकेशन व अन्य साक्ष्य) के जरिए महत्वपूर्ण सुराग मिले। सुराग के आधार पर पुलिस ने कोरबा में दबिश देकर नाबालिग बालिका को आरोपी के कब्जे से सकुशल बरामद (दस्तयाब) कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान:
दुवास केंवट (उम्र 21 वर्ष), पिता संतोष केंवट, निवासी जवाली, थाना बाकीमोंगरा, जिला कोरबा के रूप में हुई है।पुलिस हिरासत में लेने के बाद जब आरोपी से कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसने नाबालिग को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने और उसके साथ अनाचार करने का जुर्म स्वीकार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
दर्ज की गई धाराएं
पुलिस ने आरोपी दुवास केंवट के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाते हुए निम्नलिखित धाराओं के तहत कार्रवाई की है:
- भारतीय न्याय संहिता (BNS): धारा 64, 64(M), 65(1), और 69
- पाक्सो एक्ट (POCSO): धारा 4 और 6
इस टीम को मिली सफलता
इस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई में बलौदा थाना प्रभारी निरीक्षक मनोहर सिन्हा, सहायक उपनिरीक्षक (सउनि) कौशल सिदार, महिला प्रधान आरक्षक रामकुमारी मार्को, आरक्षक रज्जू रात्रे, लखेश विश्वकर्मा और महिला आरक्षक चंद्रप्रभा शांते की मुख्य और सराहनीय भूमिका रही।
