

बिलासपुर। शहर के होटलों (OYO एवं अन्य स्थानीय होटलों) में नियमों को ताक पर रखकर कम उम्र के छात्र-छात्राओं को कमरे उपलब्ध कराए जाने के मामले को लेकर आज NGO महासंघ बिलासपुर ने गहरी चिंता व्यक्त की है। महासंघ ने इस संबंध में जिला पुलिस अधीक्षक (SP) बिलासपुर को पत्र सौंपकर शहर के होटलों में सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने और नियमों की अनदेखी करने वाले संचालकों पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।
NGO महासंघ के पदाधिकारियों ने बताया कि हाल ही में समाचार पत्रों के माध्यम से एक बेहद शर्मनाक और गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें एक शिक्षक द्वारा स्कूली छात्रा को बहला-फुसलाकर होटल में ले जाकर दुष्कर्म जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया गया। इस घटना ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है और नाबालिग बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
महासंघ का आरोप है कि शहर के कई होटल, विशेषकर OYO और स्थानीय लॉज, महज चंद पैसों के लालच में बिना किसी उचित पहचान पत्र (ID) सत्यापन या उम्र की सही जांच किए, स्कूल-कॉलेज के छात्र-छात्राओं को आसानी से कमरे उपलब्ध करा रहे हैं। होटलों की यह लापरवाही अपराधियों और असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद कर रही है। इससे पूर्व में भी ‘टीम मानवता बिलासपुर’ द्वारा प्रशासन को इस समस्या से अवगत कराया जा चुका है।
महासंघ ने की ये प्रमुख मांगें:
होटलों की औचक जांच: शहर के सभी OYO और अन्य होटलों की पुलिस प्रशासन द्वारा नियमित व औचक चेकिंग (Surprise Raids) की जाए।
अनिवार्य ID वेरिफिकेशन: बिना पुख्ता पहचान पत्र के किसी को भी कमरा न दिया जाए, विशेषकर नाबालिगों या स्कूल यूनीफॉर्म में आने वाले छात्र-छात्राओं पर पूरी तरह रोक हो।
लाइसेंस हो निरस्त: नियमों का उल्लंघन करने वाले और अनैतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले होटलों के लाइसेंस तुरंत निरस्त कर प्रबंधकों पर एफआईआर दर्ज की जाए।
स्कूल-कॉलेजों के पास बढ़े गश्त: शैक्षणिक संस्थानों और कोचिंग सेंटरों के आस-पास पुलिस की पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए।
NGO महासंघ बिलासपुर ने विश्वास जताया है कि जिला पुलिस प्रशासन इस संवेदनशील विषय को पूरी गंभीरता से लेगा और बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए त्वरित व कठोर कदम उठाएगा।
ज्ञापन देने आज चंचल सलूजा, शशि मिश्रा, अरुणिमा मिश्रा, अभिषेक शर्मा, अभिषेक ठाकुर, गोविंद,श्याम सुंदर चंद्रा,सोनिया, दीपा यादव, चंपा साहू रहे।
