
शशि मिश्रा

दुर्ग। जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल माने जाने वाले जिला अस्पताल में कथित लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। सिकल सेल बीमारी से पीड़ित एक युवती की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि समय पर रक्त उपलब्ध नहीं कराए जाने के कारण युवती की जान चली गई।

मृतिका की पहचान दीपिका के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि सिकल सेल बीमारी के चलते उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान डॉक्टरों ने तत्काल रक्त चढ़ाने की आवश्यकता बताई। हालांकि आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण परिजन रक्त की व्यवस्था नहीं कर सके।
परिजनों का आरोप है कि उन्होंने अस्पताल प्रबंधन और ब्लड बैंक विभाग से कम से कम एक यूनिट रक्त उपलब्ध कराने की गुहार लगाई, लेकिन उनकी मांग पर कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि ब्लड बैंक द्वारा रक्त देने से इनकार कर दिया गया, जिसके बाद युवती की हालत लगातार बिगड़ती गई और अंततः उसकी मौत हो गई।

घटना के बाद परिजनों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि यदि समय रहते रक्त उपलब्ध करा दिया जाता तो दीपिका की जान बचाई जा सकती थी। इस घटना ने जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं और स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दुर्ग जिला अस्पताल आसपास के क्षेत्रों के लाखों लोगों के लिए प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र माना जाता है। ऐसे में एक यूनिट रक्त के अभाव में मरीज की मौत होने का मामला अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगा रहा है।
फिलहाल अस्पताल प्रबंधन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं परिजन मामले की जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
