
बिलासपुर। शहर के क्रांतिनगर क्षेत्र में शुक्रवार शाम एक तेज रफ्तार कार रामा ग्रुप के संचालक राजेश अग्रवाल के बंगले में घुस गई। कार ने पहले बंगले का मुख्य लोहे का गेट तोड़ा और फिर करीब 30 फीट अंदर तक जाते हुए हॉल और कमरे की दीवार से जा टकराई। हादसे में घर के भीतर लगा टफन ग्लास का पार्टीशन पूरी तरह चकनाचूर हो गया। घटना के समय परिवार का कोई सदस्य हॉल में मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
जानकारी के अनुसार, कार एमपी 04 सीएक्स 6273 चला रहे आशीष तिवारी, मूल रूप से उत्तराखंड के निवासी हैं और बिलासपुर स्थित इंडसइंड बैंक की शाखा में क्लस्टर मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। वह पिछले करीब डेढ़ वर्ष से क्रांतिनगर में किराये के मकान में रह रहे हैं।
बताया गया कि शुक्रवार शाम करीब 7:55 बजे आशीष तिवारी तेज रफ्तार से कार चलाते हुए पहुंचे और वाहन सीधे रामा ग्रुप के संचालक राजेश अग्रवाल के बंगले के मुख्य गेट से टकरा गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि भारी-भरकम लोहे का गेट कई टुकड़ों में टूट गया। इसके बाद कार परिसर में खड़ी गाड़ियों और बाहर रखे सामान को क्षतिग्रस्त करती हुई लगभग 30 फीट अंदर जाकर हॉल और कमरे की दीवार से टकराकर रुकी।
टक्कर के कारण हॉल और कमरे की दीवार क्षतिग्रस्त हो गई, जबकि अंदर लगा मोटा टफन ग्लास का पार्टीशन भी पूरी तरह टूट गया। जोरदार धमाके की आवाज सुनकर परिवार के सदस्य और कर्मचारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कार चालक को पकड़ लिया और घटना की सूचना तत्काल तारबाहर थाना पुलिस को दी। हादसे में कार चालक आशीष तिवारी को भी चोटें आई हैं।
सूचना मिलते ही एएसपी सिटी पंकज पटेल, सीएसपी गगन कुमार तथा तारबाहर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने कार चालक को अपने साथ थाने ले जाने के बाद चिकित्सकीय परीक्षण के लिए सिम्स भेजा।
हादसा या साजिश, दोनों पहलुओं पर जांच
तारबाहर थाना प्रभारी रवींद्र अनंत ने बताया कि पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि कार अनियंत्रित होकर बंगले में घुसी या फिर घटना के पीछे कोई अन्य कारण है। प्रारंभिक जांच में चालक के नशे में होने की पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस के अनुसार, घटना का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि जिस गली से कार गुजरी, वहां खड़े अन्य किसी वाहन को नुकसान नहीं पहुंचा और कार सीधे राजेश अग्रवाल के बंगले के अंदर जा घुसी। ऐसे में पुलिस यह भी जांच कर रही है कि यह महज सड़क दुर्घटना थी या फिर किसी सुनियोजित साजिश के तहत अंजाम दिया गया कृत्य।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और मेडिकल रिपोर्ट सहित अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
