

बिलासपुर, 2 जून। जिले में निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम द्वारा मरीजों के परिजनों को किसी विशेष ब्लड बैंक से ही रक्त लाने के लिए बाध्य किए जाने की शिकायतों के बीच सामाजिक संगठनों की पहल को बड़ी सफलता मिली है। एनजीओ महासंघ एवं टीम मानवता द्वारा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) को सौंपे गए ज्ञापन के बाद सीएमएचओ कार्यालय ने जिले के सभी निजी नर्सिंग होम, अस्पतालों एवं मेटरनिटी होम के लिए स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए हैं कि वे मरीजों के परिजनों को किसी विशिष्ट ब्लड बैंक से रक्त लाने के लिए बाध्य नहीं करेंगे।
दरअसल, पिछले दिनों एनजीओ महासंघ के प्रतिनिधियों ने सीएमएचओ को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया था कि कई निजी अस्पताल मरीजों के परिजनों पर दबाव बनाकर अपने पसंदीदा या संबद्ध ब्लड बैंक से ही रक्त मंगवाते हैं। जबकि परिजन यदि किसी सरकारी अस्पताल, रेडक्रॉस या अन्य मान्यता प्राप्त लाइसेंसी ब्लड बैंक से रक्त की व्यवस्था कर लेते हैं, तब भी उसे स्वीकार करने में आनाकानी की जाती है।
संगठन ने इसे चिकित्सा नैतिकता के विरुद्ध बताते हुए निजी अस्पतालों और कुछ ब्लड बैंकों के बीच संभावित व्यावसायिक साठगांठ तथा कमीशनखोरी का गंभीर मामला बताया था। ज्ञापन में कहा गया था कि ऐसी व्यवस्था से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को आर्थिक एवं मानसिक रूप से परेशान होना पड़ता है, जबकि आपातकालीन परिस्थितियों में मरीज की जान बचाना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
संगठन की मांग पर संज्ञान लेते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बिलासपुर डॉ. शुभा गरेवाल ने 1 जून 2026 को आदेश जारी किया है। आदेश में जिले के सभी निजी नर्सिंग होम, अस्पताल एवं मेटरनिटी होम को निर्देशित किया गया है कि भर्ती मरीजों के परिजनों को किसी विशिष्ट ब्लड बैंक से रक्त लाने के लिए बाध्य न किया जाए। यदि मरीज के परिजन अपनी सुविधा अनुसार किसी भी मान्यता प्राप्त लाइसेंसी ब्लड बैंक से रक्त उपलब्ध कराते हैं, तो उसे स्वीकार किया जाए।
सीएमएचओ द्वारा जारी इस आदेश की प्रतिलिपि कलेक्टर एवं क्लीनिकल स्थापना अधिनियम के पर्यवेक्षी प्राधिकारी तथा खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग को भी भेजी गई है।
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इसे जनहित में बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह फैसला मरीजों और उनके परिजनों को अनावश्यक दबाव एवं आर्थिक शोषण से राहत दिलाने में महत्वपूर्ण साबित होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन आगे भी अस्पतालों और ब्लड बैंकों की कार्यप्रणाली की निगरानी करेगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।
ज्ञापन सौंपने और इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाने वालों में अरुणिमा मिश्रा, अभिषेक शर्मा, बिंदु सिंह कच्छवाहा, गुलाब सिंह, शशि मिश्रा, गोविंद राय, श्याम एवं अभिषेक ठाकुर सहित अन्य सामाजिक कार्यकर्ता शामिल रहे।

