
आकाश दत्त मिश्रा

मुंगेली। पुराना बस स्टैंड मे एक बिल्डिंग को लेकर नगर पालिका की अतिक्रमण कार्रवाई पूरा तमाशा बन गई। मामला उस समय गरमा गया जब नगर पालिका अध्यक्ष रोहित शुक्ला खुद मौके पर पहुंच गए और कार्रवाई रुकवाकर पहले सही तरीके से नापजोख कराने की बात करने लगे। देखते ही देखते अधिकारियों और अध्यक्ष के बीच बहस शुरू हो गई और मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई।
बताया जा रहा है कि इस बिल्डिंग को लेकर पहले भी बेजाकब्जे की शिकायत हुई थी, जिस पर पालिका ने तोड़फोड़ की थी। बाद मे बिल्डिंग मालिक कोर्ट पहुंचा और कोर्ट से मिले आदेश के बाद दोबारा निर्माण शुरू कराया गया।
लेकिन इसके बाद फिर कुछ लोगों ने शिकायत कर दी कि निर्माण कोर्ट के आदेश के खिलाफ हो रहा है। शिकायत के बाद अतिक्रमण दस्ता दोबारा तोड़फोड़ करने पहुंच गया।

“पहले सही नाप लो, गलत निकले तो तोड़ देना”
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक रोहित शुक्ला अपनी कार लेकर सीधे मौके पर पहुंचे और गाड़ी खड़ी कर कार्रवाई रुकवाने लगे। इस दौरान उन्होंने हाथ जोड़कर अधिकारियों से कहा —
“पहले सही तरीके से नाप लो, पूरी तरह संतुष्ट हो जाओ, उसके बाद गलत निकले तो तोड़ देना।”
इस दौरान पार्षद विनय चोपड़ा ने भी अधिकारियों से विनती करते हुए पहले मेजरमेंट कराने की मांग रखी।
लेकिन मौके पर मौजूद महिला अधिकारी गाड़ी हटाने और कार्रवाई जारी रखने की बात पर अड़ी रहीं। इसके बाद दोनों पक्षों मे जमकर बहस शुरू हो गई।
“पूरा शहर छोड़ सिर्फ यही बिल्डिंग दिख रही?”
बहस के दौरान रोहित शुक्ला ने अधिकारियों से सीधा सवाल कर दिया —
“पूरा शहर अतिक्रमण से भरा पड़ा है, क्या सिर्फ यही एक बिल्डिंग आपको दिखाई दे रही है?”
उन्होंने कहा कि वे नगर विकास के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन बिना सही जांच और नापजोख के किसी नागरिक के साथ गलत कार्रवाई नहीं होने देंगे।
महिला अधिकारी ने जवाब मे बिलासपुर रोड पर चल रही पाथ-वे कार्रवाई का हवाला दिया, लेकिन मौके पर मौजूद लोगों का कहना था कि दोनों मामले अलग हैं और यहां पहले सही सीमांकन होना जरूरी था।
“कमीशन नहीं मिला तो शिकायतें शुरू?”
मौके पर एक चर्चा और खूब चलती रही। लोगों के बीच यह बात कही जाती रही कि बिल्डिंग मालिक द्वारा कथित “व्यक्तिगत कमीशन” नहीं दिए जाने के बाद ही लगातार शिकायतों का दौर शुरू हुआ। हालांकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन बार-बार सिर्फ एक ही बिल्डिंग पर कार्रवाई होने से लोग तरह-तरह की बातें कर रहे हैं।
भाजपा-कांग्रेस कार्यकर्ता और पत्रकार भी पहुंचे
मामले की खबर लगते ही बड़ी संख्या मे स्थानीय नागरिक, पत्रकार, भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए। ज्यादातर लोग अध्यक्ष रोहित शुक्ला की इस बात को सही बताते नजर आए कि बिना सही मेजरमेंट किए सीधे तोड़फोड़ करना गलत है।
“90% सड़कें खुद अतिक्रमण मे”
स्थानीय लोगों का कहना है कि मुंगेली की ज्यादातर सड़कें खुद अतिक्रमण की चपेट मे हैं। ऐसे मे पूरे शहर को छोड़कर सिर्फ एक बिल्डिंग पर बार-बार कार्रवाई होना लोगों को चयनात्मक कार्रवाई जैसा लग रहा है।
अब पूरे शहर मे यही चर्चा है कि आखिर यह कार्रवाई सच मे जनहित मे हो रही थी या फिर इसके पीछे कोई और खेल चल रहा है।
